Bihar: बिहार सरकार ने राज्य की आर्थिक स्थिति को संभालने और रुकी हुई सरकारी योजनाओं के पैसे चुकाने के लिए 12,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने का फैसला किया है। सरकार इस समय ‘क्राइसिस मैनेजमेंट’ मोड में है और इ
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य की आर्थिक स्थिति को संभालने और रुकी हुई सरकारी योजनाओं के पैसे चुकाने के लिए 12,000 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने का फैसला किया है। सरकार इस समय ‘क्राइसिस मैनेजमेंट’ मोड में है और इस फंड से राज्य के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस पैसे का इस्तेमाल मुख्य रूप से सामाजिक सुरक्षा पेंशन और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड की फीस भरने के लिए किया जाएगा।
पेंशन और स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का क्या होगा?
इस कर्ज के जरिए राज्य के करीब एक करोड़ बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की मार्च और अप्रैल की रुकी हुई सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान मई महीने में एक साथ किया जाएगा। इसके अलावा, करीब 58 हजार छात्रों के ‘Student Credit Card’ की रुकी हुई फीस भी मई से चुकाई जाएगी। हालांकि, वित्त विभाग ने बताया है कि मार्च महीने की पेंशन 86.74 लाख लाभार्थियों को दी जा चुकी है और अगले तीन महीनों के लिए 3,900 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए गए हैं।
बिहार सरकार पर कितना कर्ज है और क्या है स्थिति?
बिहार की आर्थिक स्थिति फिलहाल काफी दबाव में है। राज्य की कुल देनदारी 3.70 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है, जो साल के अंत तक 4 लाख करोड़ रुपये होने की आशंका है। सरकार को सिर्फ ब्याज चुकाने के लिए हर दिन 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकार करीब 80,000 करोड़ रुपये का और कर्ज लेने की योजना बना रही है।
राजस्व बढ़ाने के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है?
खजाने की कमी को देखते हुए सरकार अब टैक्स वसूली में सख्ती बरत रही है। परिवहन और नगर विकास जैसे विभागों को संपत्ति कर (Property Tax) और अन्य बकाये की वसूली तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। फंड की कमी की वजह से राज्य में कई सड़क और पुल बनाने के काम रुके हुए हैं, जिन्हें कर्ज मिलने के बाद फिर से शुरू करने की बात कही गई है।
| विवरण |
जानकारी |
| नया कर्ज |
₹12,000 करोड़ (RBI से मांगा गया) |
| कुल देनदारी |
₹3.70 लाख करोड़ से अधिक |
| दैनिक ब्याज खर्च |
₹100 करोड़ से ज्यादा |
| लाभार्थी (पेंशन) |
करीब 1 करोड़ लोग |
| स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लाभार्थी |
58,000 छात्र |
| संभावित कुल कर्ज (साल अंत तक) |
₹4 लाख करोड़ |