Bihar : बिहार में अपराध करने वालों के खिलाफ सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस ने ऐसे 1433 अपराधियों की पहचान की है जिन्होंने गलत तरीके से संपत्ति बनाई है। इनमें से 428 मामलों में संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुर
Bihar : बिहार में अपराध करने वालों के खिलाफ सरकार ने अब सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस ने ऐसे 1433 अपराधियों की पहचान की है जिन्होंने गलत तरीके से संपत्ति बनाई है। इनमें से 428 मामलों में संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, ताकि अपराधियों के आर्थिक तंत्र को तोड़ा जा सके।
संपत्ति जब्ती और गिरफ्तारी का क्या है पूरा हिसाब
बिहार पुलिस ने जनवरी से 15 मई 2026 के बीच गंभीर अपराधों में 33,126 लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें हत्या के 2023, डकैती के 311 और लूट के 573 मामले शामिल हैं। वहीं, संपत्ति जब्ती की बात करें तो मुजफ्फरपुर में 109 और पटना में 105 अपराधियों की पहचान सबसे ज्यादा हुई है। अब तक 4 मामलों में कोर्ट ने संपत्ति जब्त करने का फाइनल ऑर्डर दे दिया है, जिनमें मुजफ्फरपुर, सारण और वैशाली के मामले शामिल हैं।
किन नियमों के तहत होगी यह कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023 की धारा 107 के तहत की जा रही है, जो 1 जुलाई 2024 से लागू हुई है। इसके अलावा BNSS की धारा 126 और 135 के साथ क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में EOU ने ED को डोजियर भेजे हैं। पुलिस अब AI तकनीक का इस्तेमाल कर रही है ताकि आधार, पैन और बैंक रिकॉर्ड के जरिए बेनामी संपत्तियों का पता लगाया जा सके।
कोर्ट के फैसले और पुलिस की अन्य कार्रवाई
जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच बिहार की अदालतों ने 52,567 मामलों में फैसला सुनाया, जिसमें 70,624 लोग दोषी पाए गए। इनमें से 2 लोगों को मौत की सजा और 453 को उम्रकैद मिली है। ADG (लॉ एंड ऑर्डर) सुधानशु कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी है और इसमें किसी जाति का भेदभाव नहीं किया गया है। सरकार का मकसद संगठित अपराध को जड़ से खत्म करना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में कितनी संपत्तियां जब्त की जा रही हैं?
पुलिस ने कुल 1433 अपराधियों की संपत्ति की पहचान की है, जिनमें से 428 मामलों में जब्ती की प्रक्रिया चल रही है और 103 मामलों में काम आगे बढ़ चुका है।
किन अपराधियों को निशाना बनाया जा रहा है?
इस अभियान में मुख्य रूप से सैंड माफिया, लिकर माफिया, लैंड माफिया और साइबर अपराध में शामिल अपराधियों की अवैध संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है।