Bihar : राज्य सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) अधिनियम 1985 की धारा 3 में बदलाव करने का फैसला लिया गया है। इस संशोधन को कैबिनेट ने 30 अप्रैल
Bihar : राज्य सरकार ने बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) अधिनियम 1985 की धारा 3 में बदलाव करने का फैसला लिया गया है। इस संशोधन को कैबिनेट ने 30 अप्रैल या 1 मई 2026 को मंजूरी दे दी है, जिससे अब निजी कंपनियां और सहकारी संस्थाएं इन मिलों का संचालन कर सकेंगी।
एक्ट में बदलाव से क्या होगा फायदा
पुराने कानून के मुताबिक, अधिग्रहित चीनी मिलों को सिर्फ राज्य सरकार ही चला सकती थी। इस वजह से निजी निवेशकों और सहकारी संस्थाओं को मिलें सौंपने में कानूनी दिक्कत आ रही थी। अब धारा 3 में संशोधन के बाद रास्ता साफ हो गया है। सरकार का मकसद इन मिलों को फिर से चालू कर किसानों की आय बढ़ाना और राज्य की आर्थिक स्थिति को सुधारना है।
कितनी मिलें खुलेंगी और क्या है लक्ष्य
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और गन्ना उद्योग मंत्री संजय पासवान के अनुसार, सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में कुल 25 चीनी मिलें चालू करना है। मार्च 2026 तक करीब 9 से 10 बंद मिलों को दोबारा शुरू किया जा चुका है। इसके अलावा, चीनी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ‘इंसेंटिव पॉलिसी 2026’ का ड्राफ्ट भी तैयार किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे राज्य में करीब 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा होंगे और बिहार चीनी व इथेनॉल उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा।
किन जिलों की मिलों पर है फोकस
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज (सासामुसा), सारण, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और दरभंगा की बंद मिलों को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने दरभंगा की रायम और मधुबनी की सकरी मिल को फिर से खोलने का आदेश दिया है। अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने 14 जिलों के डीएम को नई मिलों के लिए जमीन चुनने और रिपोर्ट भेजने को कहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार सरकार चीनी मिलों के लिए कौन सा कानून बदल रही है?
सरकार बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) अधिनियम 1985 की धारा 3 में संशोधन कर रही है, ताकि निजी और सहकारी संस्थाएं भी बंद मिलों का संचालन कर सकें।
अगले 5 साल में सरकार का क्या लक्ष्य है?
सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य भर में कुल 25 चीनी मिलों को चालू करना और चीनी व इथेनॉल उत्पादन में बिहार को आत्मनिर्भर बनाना है।