Bihar: राज्य में LPG सिलेंडर की कमी को देखते हुए सम्राट चौधरी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब बिहार के 2 करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड धारकों को खाना पकाने के लिए रियायती दरों पर कोयला दिया जाएगा। यह कोयला लोगों को उनकी
Bihar: राज्य में LPG सिलेंडर की कमी को देखते हुए सम्राट चौधरी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब बिहार के 2 करोड़ से ज्यादा राशन कार्ड धारकों को खाना पकाने के लिए रियायती दरों पर कोयला दिया जाएगा। यह कोयला लोगों को उनकी नजदीकी जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकानों से मिलेगा ताकि रसोई का काम न रुके।
किसे मिलेगा लाभ और कितना मिलेगा कोयला?
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के लाभार्थियों और अंत्योदय योजना के कार्डधारकों को मिलेगा। सरकार ने तय किया है कि हर पात्र परिवार को हर महीने लगभग 100 किलोग्राम (1 क्विंटल) कुकिंग कोयला दिया जाएगा। वितरण के लिए उसी सिस्टम का इस्तेमाल होगा जिससे अभी राशन मिलता है और बायोमेट्रिक सत्यापन के लिए ई-पोस (e-POS) मशीनों का उपयोग किया जाएगा।
कोयले की कीमत और वितरण की प्रक्रिया क्या होगी?
कोयले की दर बाजार भाव से कम रखी जाएगी। इसकी अंतिम कीमत जिला टास्क फोर्स तय करेगी, जिसमें मूल मूल्य, BSMCL का मार्जिन और हैंडलिंग चार्ज शामिल होंगे। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि ईरान-अमेरिका संघर्ष जैसे वैश्विक तनाव की वजह से LPG की सप्लाई और कीमतों पर असर पड़ा है, इसलिए कोयले को वैकल्पिक ईंधन के तौर पर चुना गया है।
योजना से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां
| विवरण |
जानकारी |
| कुल लाभार्थी |
2 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारक |
| मासिक मात्रा |
100 किलोग्राम प्रति परिवार |
| वितरण केंद्र |
PDS (राशन की दुकानें) |
| सत्यापन तरीका |
e-POS बायोमेट्रिक |
| लागू कानून |
आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 |
| आपूर्ति स्रोत |
कोल इंडिया |
शेखपुरा के जिला आपूर्ति पदाधिकारी सरमेंद्र कुमार ने बताया कि जिले के लिए 3 रेल रैक कोयला आवंटित हो चुका है, जो महीने के अंत तक पहुंच जाएगा। सरकार ने इसे एक आपातकालीन बैकअप माना है, जो तब तक चलेगा जब तक गैस की आपूर्ति फिर से सामान्य नहीं हो जाती।