Bihar : दक्षिण-पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से रसोई गैस (LPG) की कमी हो सकती है। इस खतरे को देखते हुए बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के गरीब परिवारों को खाना पकाने के लिए PDS दुकानों के जरिए कुकिं
Bihar : दक्षिण-पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध की वजह से रसोई गैस (LPG) की कमी हो सकती है। इस खतरे को देखते हुए बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के गरीब परिवारों को खाना पकाने के लिए PDS दुकानों के जरिए कुकिंग कोयला दिया जाएगा। यह कदम आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत उठाया गया है ताकि लोगों को ईंधन का विकल्प मिल सके।
किसे मिलेगा लाभ और कितनी मात्रा में मिलेगा कोयला?
इस योजना का लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत आने वाले सभी राशन कार्डधारी परिवारों को मिलेगा। इसमें अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्राथमिकता प्राप्त परिवार (PHH) दोनों शामिल हैं। सरकार की योजना के मुताबिक, हर पात्र परिवार को हर महीने 100 किलोग्राम (एक क्विंटल) कुकिंग कोयला उपलब्ध कराया जाएगा।
कैसे होगा वितरण और कौन संभालेगा जिम्मेदारी?
कोयले की सप्लाई और वितरण का काम जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों के माध्यम से होगा। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। बिहार राज्य खनन निगम लिमिटेड (BSMCL) कोल इंडिया से कोयला मंगवाएगा और वितरण की निगरानी जिला और मुख्यालय स्तर पर की जाएगी।
| विवरण |
जानकारी |
| लाभार्थी |
NFSA राशन कार्डधारी परिवार |
| मासिक मात्रा |
100 किलोग्राम प्रति परिवार |
| वितरण केंद्र |
PDS (राशन दुकान) |
| मुख्य एजेंसी |
BSMCL और कोल इंडिया |
| हैंडलिंग चार्ज |
थोक विक्रेताओं से 3% |
| BSMCL मार्जिन |
2% |
क्या अभी गैस की कमी है?
भागलपुर के जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि फिलहाल गैस, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है और सिलेंडर की डिलीवरी समय पर हो रही है। हालांकि, कुछ इलाकों में गैस की कमी की अफवाह के कारण कोयले के अवैध कारोबार में तेजी आई है और इसकी कीमतों में 35-40% तक की बढ़ोत्तरी देखी गई है। सरकार का यह फैसला कालाबाजारी रोकने और उचित दर पर ईंधन उपलब्ध कराने के लिए लिया गया है।