Bihar: राज्य में गैस सिलेंडरों की किल्लत और बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राशन कार्ड धारकों को खाना बनाने के लिए कोयला राशन की दुकानों (PDS) के जरिए मुहैया कराया जाएगा। मिडिल ईस्ट में चल रहे
Bihar: राज्य में गैस सिलेंडरों की किल्लत और बढ़ती कीमतों को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राशन कार्ड धारकों को खाना बनाने के लिए कोयला राशन की दुकानों (PDS) के जरिए मुहैया कराया जाएगा। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से गैस की सप्लाई चेन बिगड़ गई है, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही थी।
किसे और कितना मिलेगा कोयला
बिहार सरकार ने तय किया है कि जिन परिवारों के पास राशन कार्ड है, उन्हें हर महीने 100 किलोग्राम (एक क्विंटल) खाना पकाने वाला कोयला दिया जाएगा। यह सुविधा नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट के तहत आने वाले लाभार्थियों को मिलेगी। राज्य सरकार ने इस संबंध में मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को निर्देश जारी कर दिए थे।
सप्लाई और वितरण की पूरी प्रक्रिया क्या है
कोयले की खरीद और सप्लाई की जिम्मेदारी Bihar State Mining Corporation Limited (BSMCL) को सौंपी गई है। यह एजेंसी Coal India से कोयला मंगवाकर जिला मुख्यालयों तक पहुंचाएगी। वितरण व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए निम्नलिखित इंतजाम किए गए हैं:
| विभाग/एजेंसी |
मुख्य जिम्मेदारी |
| BSMCL |
कोयले की खरीद, परिवहन और थोक विक्रेताओं का रजिस्ट्रेशन |
| परिवहन विभाग |
District Task Force के जरिए ट्रांसपोर्ट खर्च तय करना |
| जिलाधिकारी (DM) |
जिले स्तर पर योजना को लागू करना |
| थोक विक्रेता |
राशन दुकानों तक कोयला पहुंचाना (3% हैंडलिंग फीस) |
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया
पिछले कुछ समय से LPG सिलेंडरों की भारी कमी देखी गई है, जिसका फायदा उठाकर बाजार में कालाबाजारी बढ़ गई थी। स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट-2005 का सहारा लिया है। सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि इस संबंध में पटना के परिवहन विभाग और सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजे जा चुके हैं ताकि लोगों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।