Bihar सरकार के सभी विभागों में 15 अगस्त से चलेगा AI, पटना में बनेगा ग्लोबल सेंटर, युवाओं को मिलेगा रोजगार
Bihar: बिहार सरकार अब अपने प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने की तैयारी में है। राज्य के सभी सरकारी विभागों में 15 अगस्त से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स का इस्तेमाल शुरू होगा। इसका मुख्य मकसद सरकार
Bihar: बिहार सरकार अब अपने प्रशासनिक कामकाज को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने की तैयारी में है। राज्य के सभी सरकारी विभागों में 15 अगस्त से AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स का इस्तेमाल शुरू होगा। इसका मुख्य मकसद सरकारी फाइलों और प्रक्रियाओं की रफ्तार बढ़ाना और आम जनता के लिए सुविधाओं को और आसान बनाना है।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने बताया कि इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आईटी मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ इस पर चर्चा हो चुकी है। सरकार चाहती है कि एआई की मदद से यह पता लगाया जा सके कि सरकारी योजनाओं का असली लाभ लोगों तक पहुँच रहा है या नहीं। इसके लिए गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और सर्वम एआई जैसी बड़ी कंपनियों के साथ समझौते किए गए हैं।
इसी कड़ी में पटना को एक बड़े आईटी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। टाइगर एनालिटिक्स कंपनी पटना में 200 विशेषज्ञों वाला एक ग्लोबल एआई डिलीवरी सेंटर खोलेगी। यह सेंटर बिहार के युवाओं को दुनिया की बड़ी कंपनियों के लिए काम करने का मौका देगा। साथ ही, आईआईटी पटना में 60 करोड़ रुपये की लागत से एक मेगा एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का प्रस्ताव भी मंजूर हो गया है।
| पहल/प्रोजेक्ट | विवरण/निवेश | लक्ष्य/प्रभाव |
|---|---|---|
| सभी सरकारी विभाग | 15 अगस्त से AI लागू | कामकाज में तेजी और पारदर्शिता |
| टाइगर एनालिटिक्स सेंटर | पटना में स्थापना | 200 विशेषज्ञों की तैनाती |
| आईआईटी पटना सेंटर | 60 करोड़ रुपये का प्रस्ताव | अनुसंधान और ट्रेनिंग |
| ट्रेनिंग प्रोग्राम | 12 करोड़ रुपये निवेश | 5,000 युवाओं को AI ट्रेनिंग |
| सीआईपीएल एमओयू | 100 करोड़ तक विस्तार | 2,000 आईटी नौकरियों का सृजन |
| ग्रामीण विकास | AI ऑडिट पोर्टल | योजनाओं की बेहतर निगरानी |
राज्य सरकार अपनी एक स्वतंत्र एआई नीति भी लाने वाली है, जो जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने बताया कि ग्रामीण विकास की योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए एक एआई आधारित ऑडिट पोर्टल भी शुरू किया जाएगा। इन सभी कदमों से न केवल सरकारी काम आसान होगा, बल्कि बिहार के युवाओं के लिए राज्य में ही हाई-टेक नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे।