Bihar: भागलपुर सहित राज्य के नौ जिलों में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार बड़ी तैयारी कर रही है। यहाँ 500 क्षमता वाले हीफर स्टेशन और कृत्रिम गर्भाधान (AI) केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस कदम से दुग्ध उत्पादन बढ़े
Bihar: भागलपुर सहित राज्य के नौ जिलों में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार बड़ी तैयारी कर रही है। यहाँ 500 क्षमता वाले हीफर स्टेशन और कृत्रिम गर्भाधान (AI) केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस कदम से दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण इलाकों में लोगों के लिए रोजगार के नए मौके खुलेंगे।
इस परियोजना से पशुपालकों को क्या फायदा होगा?
आधुनिक कृत्रिम गर्भाधान केंद्र खुलने से पशुपालकों को बेहतर तकनीकी सुविधा मिलेगी। इससे पशुओं की नस्ल में सुधार होगा और दूध का उत्पादन बढ़ेगा, जिससे सीधे तौर पर किसानों की आय में वृद्धि होगी। पशुपालन निदेशालय इस पूरी योजना को लागू कर रहा है।
किन जिलों में लगेगा यह सेंटर और क्या है चुनौती?
यह योजना भागलपुर के अलावा पटना, मुजफ्फरपुर, गया, सारण, दरभंगा, पूर्णिया और सहरसा जैसे जिलों में प्रस्तावित है। फिलहाल, जिला मुख्यालय के पास 20 से 30 एकड़ सरकारी जमीन की जरूरत है। जमीन की उपलब्धता में देरी होने की वजह से काम शुरू होने में थोड़ा समय लग रहा है। जिलाधिकारियों को जल्द से जल्द जमीन की पहचान करने का जिम्मा सौंपा गया है।
पशुपालन के लिए सरकार की अन्य योजनाएं
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने कौशल विकास प्रशिक्षण के लिए 3.10 करोड़ रुपये का बजट रखा है। इसके अलावा, डेयरी फार्म स्थापित करने के लिए सब्सिडी दी जा रही है, जिसमें अनुसूचित जनजातियों को 100% तक अनुदान मिल सकता है। देशी गौपालन प्रोत्साहन योजना 2025-26 के तहत साहिवाल और गिर जैसी नस्लों की गायें उपलब्ध कराई जाएंगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हीफर स्टेशन और AI सेंटर कहाँ-कहाँ स्थापित होंगे?
यह केंद्र भागलपुर, पटना, मुजफ्फरपुर, गया, सारण, दरभंगा, पूर्णिया और सहरसा सहित कुल नौ जिलों में स्थापित किए जाएंगे।
डेयरी फार्म के लिए कितनी सब्सिडी मिल रही है?
बिहार सरकार डेयरी फार्म के लिए सब्सिडी दे रही है, जिसमें अनुसूचित जनजाति के पशुपालकों के लिए 100% तक अनुदान का प्रावधान है।