Bihar: राज्य में बढ़ती LPG कीमतों और गैस की किल्लत को देखते हुए बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब गरीब परिवारों को खाना बनाने के लिए वैकल्पिक ईंधन के तौर पर राशन की दुकानों (PDS) के जरिए कुकिंग कोयला दिया जाएगा। य
Bihar: राज्य में बढ़ती LPG कीमतों और गैस की किल्लत को देखते हुए बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब गरीब परिवारों को खाना बनाने के लिए वैकल्पिक ईंधन के तौर पर राशन की दुकानों (PDS) के जरिए कुकिंग कोयला दिया जाएगा। यह कदम उन लोगों के लिए राहत लेकर आएगा जो महंगे सिलेंडर या गैस की कमी से परेशान हैं।
किसे मिलेगा लाभ और कैसे होगा वितरण
यह सुविधा मुख्य रूप से National Food Security Act (NFSA) के तहत आने वाले लाभार्थियों के लिए है। इसमें Antyodaya Anna Yojana (AAY) और Priority Household (PHH) कार्ड धारक परिवार शामिल होंगे। इन परिवारों को उनके नियमित अनाज के साथ ही कोयला दिया जाएगा। कोयले की मात्रा और उसकी कीमत का फैसला जिला प्रशासन के स्तर पर किया जाएगा ताकि स्थानीय जरूरतों का ध्यान रखा जा सके।
इस योजना को लागू करने के लिए कौन सी एजेंसियां जिम्मेदार हैं
बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी तय कर दी है। वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए अलग-अलग विभागों को काम सौंपा गया है:
| विभाग/संस्था |
मुख्य जिम्मेदारी |
| खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग |
निर्णय और नीति निर्धारण |
| बिहार स्टेट फूड कॉर्पोरेशन लिमिटेड |
कोयले की सप्लाई और स्टोरेज |
| परिवहन विभाग (Transport Department) |
लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन |
| जिला प्रशासन |
निगरानी और क्रियान्वयन |
क्यों लिया गया यह फैसला और क्या है इसका असर
दक्षिण-पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे LPG की कीमतों में उछाल आया है। ऐसे में गरीब परिवारों को बुनियादी ईंधन सुनिश्चित कराने के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। ग्रामीण इलाकों में इस फैसले का स्वागत हुआ है, जबकि शहरी क्षेत्रों में लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया रही है। BJP प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि इससे गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को सस्ता विकल्प मिलेगा।