Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में 11 नए सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट का मकसद बड़े शहरों का बोझ कम करना और नए आर्थिक केंद्र बनाना है। इसमें लैंड पूलिंग मॉडल का इस्तेमाल होगा, जिससे
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में 11 नए सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट का मकसद बड़े शहरों का बोझ कम करना और नए आर्थिक केंद्र बनाना है। इसमें लैंड पूलिंग मॉडल का इस्तेमाल होगा, जिससे किसानों को उनकी जमीन के बदले विकसित प्लॉट और अच्छा मुआवजा मिलेगा।
किसानों को क्या फायदा होगा और जमीन का बंटवारा कैसे होगा?
इस योजना में जो किसान अपनी जमीन देंगे, उन्हें विकसित जमीन का 55% हिस्सा वापस मिलेगा। यह जमीन बुनियादी सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर से लैस होगी। बाकी 45% जमीन का इस्तेमाल सड़क, ट्रांसपोर्ट (22%), सरकारी खर्च की वसूली (15%), सार्वजनिक सुविधाओं जैसे पार्क और अस्पताल (5%) और कमजोर वर्ग के आवास (3%) के लिए किया जाएगा। शहरी विकास और आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार के मुताबिक, इससे जमीन की कीमत 10 से 20 गुना तक बढ़ सकती है। जो किसान लैंड पूलिंग नहीं चुनेंगे, उन्हें बाजार दर पर मुआवजा और TDR का विकल्प मिलेगा, जो जमीन की कीमत से 5 गुना तक अधिक हो सकता है।
किन शहरों में बनेंगे ये टाउनशिप और क्या है नया नाम?
सरकार ने 11 शहरों को इस योजना के लिए चुना है, जिन्हें नई पहचान दी गई है। इन शहरों की लिस्ट नीचे दी गई है:
| शहर |
नया नाम/पहचान |
| Patna |
Patliputra |
| Sonepur |
Hariharnathpuram |
| Gaya |
Magadh |
| Darbhanga |
Mithila |
| Saharsa |
Koshi |
| Purnia |
Purnia |
| Munger |
Ang |
| Bhagalpur |
Vikramshila |
| Muzaffarpur |
Tirhut |
| Chapra |
Saran |
| Sitamarhi |
Sitapuram |
जमीन की खरीद-बिक्री पर कब तक लगा है बैन?
सट्टेबाजी रोकने और प्लानिंग के साथ विकास करने के लिए सरकार ने इन इलाकों में जमीन के लेन-देन पर रोक लगा दी है। पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर के कोर एरिया में यह बैन 31 मार्च 2027 तक रहेगा। वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी के लिए यह रोक 30 जून 2027 तक लागू रहेगी। मास्टर प्लान फाइनल होने के बाद ही यह बैन हटाया जाएगा। इस फैसले पर विपक्ष ने चिंता जताई है कि इससे अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है और पारदर्शिता की कमी हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लैंड पूलिंग मॉडल में किसान को कितनी जमीन वापस मिलेगी?
लैंड पूलिंग मॉडल के तहत जमीन देने वाले किसानों को उनकी मूल जमीन का 55% हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस मिलेगा।
जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक कब तक है?
पटना और गया समेत 7 शहरों में 31 मार्च 2027 तक और मुजफ्फरपुर, छपरा जैसे 4 शहरों में 30 जून 2027 तक रोक रहेगी।