Bihar: बिहार सरकार राज्य में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए गंगा नदी के किनारे तीन बड़ी परियोजनाओं पर काम करने जा रही है। इन प्रोजेक्ट्स पर कुल 16,465.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे 2030 तक करीब 118.45 किलोमीटर लंब
Bihar: बिहार सरकार राज्य में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए गंगा नदी के किनारे तीन बड़ी परियोजनाओं पर काम करने जा रही है। इन प्रोजेक्ट्स पर कुल 16,465.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे 2030 तक करीब 118.45 किलोमीटर लंबा आधुनिक फोरलेन रोड तैयार हो जाएगा। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच आना-जाना आसान होगा और व्यापार के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
किन तीन मुख्य रास्तों का होगा निर्माण
सरकार ने तीन प्रमुख गंगा पथ परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिन्हें अगले चार सालों में पूरा करने का लक्ष्य है। पहला सुल्तानगंज से भागलपुर तक 40.8 किलोमीटर लंबा रास्ता बनेगा, जिस पर 4,849.83 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दूसरा मुंगेर में साफियाबाद से बरियारपुर और घोरघट तक 42 किलोमीटर का पथ बनेगा, जिसकी लागत 5,119.8 करोड़ रुपये होगी। तीसरा जेपी गंगा पथ का दीघा से कोइलवर (बिहटा) तक 35.65 किलोमीटर विस्तार किया जाएगा, जिसमें 6,495.78 करोड़ रुपये लगेंगे।
आम लोगों और व्यापार को क्या होगा फायदा
इन सड़कों के बनने से पटना में ट्रैफिक का दबाव कम होगा और बिहटा, आरा व भोजपुर की ओर जाना आसान हो जाएगा। सुल्तानगंज और भागलपुर के रास्ते से श्रावणी मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। मुंगेर के इलाके में औद्योगिक गतिविधियों और व्यापार में तेजी आएगी। मुंगेर के DM निखिल धनराज निप्पाणीकर ने विशेषज्ञों की टीम के साथ प्रस्तावित मार्ग का निरीक्षण भी किया है और सर्वे का काम शुरू हो गया है।
PPP मॉडल पर बनेंगे अन्य बड़े राजमार्ग
इन तीन प्रोजेक्ट्स के अलावा सरकार 5,500 करोड़ रुपये की लागत से 125 किलोमीटर के एक और बड़े नेटवर्क की तैयारी कर रही है। इसमें बक्सर-आरा-मनेर (विश्वामित्र पथ), बिदुपुर-दिघवारा (गंगा-अंबिका पथ) और दरिहारा-डुमरिया घाट (नारायणी पथ) शामिल हैं। इन सड़कों को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। विश्वामित्र पथ के लिए एजेंसी का चयन जून 2026 तक करने का लक्ष्य है, जिसके बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गंगा पथ परियोजनाओं का लक्ष्य कब तक पूरा होगा?
बिहार सरकार ने इन तीन प्रमुख गंगा पथ परियोजनाओं को साल 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें प्रत्येक प्रोजेक्ट के लिए चार साल का समय तय किया गया है।
जेपी गंगा पथ का विस्तार कहाँ तक किया जाएगा?
जेपी गंगा पथ का विस्तार दीघा से कोइलवर (बिहटा) तक लगभग 35.65 किलोमीटर लंबा किया जाएगा, जिस पर 6,495.78 करोड़ रुपये खर्च होंगे।