Bihar में उच्च शिक्षा के लिए आएगा नया यूनिवर्सिटी एक्ट, 15 राज्यों के कानूनों से बनेगा मसौदा
Bihar: बिहार के छात्रों और शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा के सिस्टम को आसान, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक नया विश्वविद्यालय अधिनियम (यूनिवर्सिटी एक्ट) लाने जा रही है। इस नए कानून का मसौदा 15 र
Bihar: बिहार के छात्रों और शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार उच्च शिक्षा के सिस्टम को आसान, आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए एक नया विश्वविद्यालय अधिनियम (यूनिवर्सिटी एक्ट) लाने जा रही है। इस नए कानून का मसौदा 15 राज्यों के नियमों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों की सबसे अच्छी व्यवस्थाओं को studying करके तैयार किया जाएगा।
यह फैसला 26 जून 2026 को राज्यपाल सह कुलाधिपति सैयद अता हसनैन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में लिया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि राज्य में ऐसी मजबूत व्यवस्था होनी चाहिए जिससे बिहार के बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों में न जाना पड़े।
बैठक में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कई अहम समय-सीमा तय की गई हैं। सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे 30 सितंबर तक सभी लंबित डिग्रियों का वितरण हर हाल में पूरा कर लें। साथ ही 31 दिसंबर 2026 तक समर्थ पोर्टल के सभी 26 मॉड्यूल पूरी तरह लागू करने होंगे। जुलाई के पहले हफ्ते तक पीजी स्तर के 43 विषयों के कोर्स को मंजूरी मिल सकती है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| नया अधिनियम | 15 राज्यों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कानूनों पर आधारित |
| डिग्री वितरण | 30 सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य |
| समर्थ पोर्टल | 31 दिसंबर 2026 तक सभी 26 मॉड्यूल लागू होंगे |
| भर्ती प्रक्रिया | 211 सरकारी कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरों की केंद्रीकृत संविदा नियुक्ति |
| तबादला नियम | शिक्षकों और कर्मचारियों के सामान्य तबादले सिर्फ जून में होंगे |
| प्राइवेट यूनिवर्सिटी | 5 नए निजी विश्वविद्यालयों (हिमालय, शांजा, एस.ए., सीतयोग और वी.वी. गिरी) को मंजूरी |
सरकार ने रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोशिप, मुख्यमंत्री अनुसंधान अनुदान योजना और मुख्यमंत्री अनुसंधान छात्रवृत्ति योजना जैसे प्रस्तावों पर भी सहमति जताई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत सभी कोर्स को नेशनल स्टैंडर्ड के हिसाब से बनाया जा रहा है। शिक्षकों के लिए साल में कम से कम एक प्रोफेशनल डेवलपमेंट प्रोग्राम आयोजित करना अब अनिवार्य होगा।
राज्यपाल ने भरोसा जताया है कि इन बदलावों से यूनिवर्सिटी प्रशासन में जवाबदेही बढ़ेगी और डिजिटल गवर्नेंस के जरिए छात्रों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे पहले 24 जून को कैबिनेट ने राज्य के पांच जिलों में पांच नए प्राइवेट विश्वविद्यालयों की स्थापना को भी मंजूरी दे दी थी।