Bihar: बिहार में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। परिवहन विभाग ने फैसला किया है कि राज्य की उन सड़कों की टेक्निकल स्टडी की जाएगी, जिन्हें ‘डेंजरस’ माना जाता है।
Bihar: बिहार में सड़क हादसों की बढ़ती संख्या को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। परिवहन विभाग ने फैसला किया है कि राज्य की उन सड़कों की टेक्निकल स्टडी की जाएगी, जिन्हें ‘डेंजरस’ माना जाता है। इन सड़कों पर सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं होती हैं, इसलिए इनकी बनावट और तकनीकी कमियों की जांच होगी ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
किन सड़कों पर होगा काम और क्या होगी तैयारी
इस स्टडी में उन रास्तों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां सबसे ज्यादा एक्सीडेंट होते हैं। पटना का Atal Path भी इस लिस्ट में शामिल है, क्योंकि यहां गाड़ियों की रफ्तार ज्यादा होने से हादसे बढ़े हैं। इसके लिए जिला स्तर पर अधिकारियों की टीमें बनाई जाएंगी और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों के लोग मिलकर इस जांच में हिस्सा लेंगे। स्टडी के बाद जो रिपोर्ट आएगी, उस पर रिव्यू मीटिंग होगी और जरूरी सुधार किए जाएंगे।
हादसे कम करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए जाएंगे
सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम करेगी। इसमें स्पीड कंट्रोल सिस्टम लगाना और लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना शामिल है। पैदल चलने वालों की सुरक्षा के लिए नए फुट ओवरब्रिज बनाने का भी प्लान है।
| सुविधा/उपाय |
विवरण |
| Atal Path ओवरब्रिज |
4 नए फुट ओवरब्रिज बनाने का प्रस्ताव |
| राज्य स्तरीय ओवरब्रिज |
37 फुट ओवरब्रिज के लिए एस्टीमेट तैयार करेगा Bridge Construction Corporation |
| विशेष सुविधा |
बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए लिफ्ट की सुविधा |
| स्पीड कंट्रोल |
सभी सड़कों पर रफ्तार नियंत्रित करने का सिस्टम लगेगा |
| जागरूकता |
मौजूदा ओवरब्रिज के इस्तेमाल के लिए अभियान और पुलिस निगरानी |
सड़क सुरक्षा से जुड़ी अन्य जरूरी बातें
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सुप्रीम कोर्ट ने भी देशभर में सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए निर्देश दिए हैं, जिसमें एक्सप्रेस-वे पर भारी वाहनों की पार्किंग बैन करना शामिल है। आंकड़ों की बात करें तो फरवरी तक बिहार में हिट-एंड-रन के 2811 मामले दर्ज हुए हैं, जो काफी चिंताजनक हैं। इसी वजह से परिवहन विभाग ने 77,000 से ज्यादा स्कूलों में जागरूकता अभियान भी चलाया है ताकि नई पीढ़ी सड़क नियमों को समझ सके।