Bihar में AI से बदलेगी सरकारी कामकाज की तस्वीर, सर्वम एआई-भारत जीपीटी के साथ हुआ समझौता
Bihar: बिहार सरकार राज्य में सुशासन और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा ले रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘सर्वम एआई-भारत जीपीटी’ के साथ एक समझौते की घोषणा की
Bihar: बिहार सरकार राज्य में सुशासन और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का सहारा ले रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘सर्वम एआई-भारत जीपीटी’ के साथ एक समझौते की घोषणा की है, जिससे सरकारी सेवाओं में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम जनता तक सरकारी सुविधाओं को आसान और तेज बनाना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 16 जुलाई, 2026 को इस समझौते की जानकारी दी। इसी दिन बिहार सरकार ने ‘बिहार राज्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता उत्कृष्टता केंद्र (AI CoE) निगम’ के गठन को भी मंजूरी दे दी। इसके साथ ही पटना के 150 सरकारी उच्च माध्यमिक स्कूलों में ‘बिहार स्कूल लाइव क्लासेज’ शुरू की गई हैं, जहां छात्रों को AI के जरिए विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने भागलपुर में एक AI और कंप्यूटर साइंस यूनिवर्सिटी बनाने का भी ऐलान किया है।
इस पूरी योजना के तहत आम लोगों को कई तरह के फायदे मिलेंगे। सर्वम एआई के साथ साझेदारी से अब नागरिकों को हिंदी, मैथिली, भोजपुरी और मगही जैसी स्थानीय भाषाओं में सरकारी सेवाएं मिलेंगी। लोग अपनी भाषा में शिकायतों का निपटारा कर सकेंगे और सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकेंगे। खेती-किसानी के लिए भी AI का उपयोग होगा, जिससे किसानों को मौसम, फसल और मंडी भाव की जानकारी उनकी अपनी भाषा में मिलेगी। स्वास्थ्य सेवाओं में भी दूर-दराज के इलाकों के लोगों को AI के जरिए शुरुआती परामर्श मिल सकेगा।
| प्रमुख घोषणाएं और कदम | विवरण |
|---|---|
| प्रमुख साझेदार | सर्वम एआई-भारत जीपीटी, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, को-रोवर |
| शिक्षण क्षेत्र | पटना के 150 स्कूलों में AI आधारित लाइव क्लासेज शुरू |
| नया संस्थान | भागलपुर में AI और कंप्यूटर साइंस यूनिवर्सिटी की घोषणा |
| प्रशिक्षण | GFTN के जरिए 7,000 युवाओं को AI ट्रेनिंग दी जाएगी |
| तकनीकी सहयोग | IIT पटना के साथ रिसर्च पार्क और इन्क्यूबेशन सेंटर का विस्तार |
| नीति निर्माण | बिहार एआई नीति 2026 को अंतिम रूप दिया जा रहा है |
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि ये समझौते तकनीकी मार्गदर्शन और ट्रेनिंग पर आधारित हैं और इनकी प्रकृति गैर-वित्तीय है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से बिहार डिजिटल बदलाव की नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगा। यह पूरी कोशिश ‘विकसित बिहार’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को पूरा करने के लिए की जा रही है।