Bihar के सरकारी स्कूलों में होगी प्राइवेट जैसी पढ़ाई, JEE-NEET की कोचिंग मिलेगी बिल्कुल मुफ्त

Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें JEE और NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगे प्राइवेट कोचिंग संस्थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौध

Bihar: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। अब उन्हें JEE और NEET जैसी बड़ी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महंगे प्राइवेट कोचिंग संस्थानों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘स्कूल लाइव क्लासेज प्रोग्राम’ की शुरुआत की है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों के बच्चों को डिजिटल तकनीक और AI की मदद से मुफ्त कोचिंग दी जाएगी।

यह प्रोग्राम 16 जुलाई 2026 से पटना के 150 सरकारी स्कूलों में शुरू हो गया है। इसमें कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को लाइव इंटरैक्टिव क्लासेज, स्मार्ट डिजिटल कंटेंट, स्टडी नोट्स और मॉक टेस्ट की सुविधा मिलेगी। सरकार की योजना है कि जुलाई के अंत तक पटना जिले के सभी 422 सरकारी हाई स्कूलों को इस दायरे में ले आया जाए।

कोचिंग की सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए पटना के 10 मॉडल स्कूलों में मुफ्त JEE और NEET कोचिंग शुरू की जा रही है। आगे चलकर इसे बिहार के 146 मॉडल स्कूलों तक बढ़ाया जाएगा। बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) भी इसी महीने से अपना मुफ्त कोचिंग प्रोग्राम शुरू कर रहा है। इन क्लासेज का समय स्कूल के बाद शाम 5:00 बजे से रात 8:00 बजे तक रखा गया है।

इस पूरी व्यवस्था को चलाने के लिए सरकार ने IIT कानपुर, Physics Wallah (PW), Adobe Express और Freedom Education जैसे 16 बड़े संस्थानों और NGOs के साथ हाथ मिलाया है। इसके अलावा, सरकार ने यह भी तय किया है कि राज्य के सभी 543 ब्लॉकों में मॉडल स्कूल बनाए जाएंगे, जहाँ कक्षा 9 से ही मुफ्त तैयारी शुरू होगी। इन स्कूलों में दाखिला SCERT द्वारा लिए गए एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर होगा।

शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार ने कुछ कड़े नियम भी लागू किए हैं। जून 2026 में शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षकों के प्राइवेट कोचिंग पढ़ाने पर रोक लगा दी है ताकि वे अपना पूरा ध्यान सरकारी स्कूलों के बच्चों पर दे सकें। साथ ही, प्राइवेट स्कूलों को अपनी फीस का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने का आदेश दिया गया है ताकि अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम हो सके।