Bihar: बिहार के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कर्मचारियों की मांग मानते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने की पाबंदी को खत्म कर दिया है। अब सरकारी नौकरी में रहते हुए
Bihar: बिहार के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कर्मचारियों की मांग मानते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने की पाबंदी को खत्म कर दिया है। अब सरकारी नौकरी में रहते हुए कर्मचारी अपनी पसंद की किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में जितनी बार चाहें उतनी बार शामिल हो सकेंगे।
क्या था पुराना विवादित आदेश और अब क्या बदला है
नगर विकास एवं आवास विभाग ने 6 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी किया था। इस नियम के मुताबिक, सरकारी कर्मचारी अपनी पूरी सर्विस के दौरान केवल एक बार ही ऊंचे वेतन वाले पद के लिए परीक्षा दे सकते थे। अगर कोई कर्मचारी एक से ज्यादा बार परीक्षा देना चाहता था, तो उसे अपनी नौकरी से इस्तीफा देना पड़ता था। इस आदेश का कर्मचारियों ने काफी विरोध किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया और 20 अप्रैल 2026 को इस आदेश को पूरी तरह रद्द कर दिया।
इस फैसले से कर्मचारियों को क्या फायदा होगा
इस नए फैसले से अब बिहार के सरकारी कर्मचारियों के करियर के रास्ते फिर से खुल गए हैं। अब उन्हें परीक्षा देने के लिए नौकरी छोड़ने की जरूरत नहीं होगी। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। कर्मचारियों के बीच इस निर्णय को लेकर काफी खुशी है क्योंकि अब वे बिना किसी डर के अपनी योग्यता के अनुसार उच्च पदों के लिए तैयारी कर सकते हैं और परीक्षा दे सकते हैं।
मुख्य जानकारी एक नजर में
| विवरण |
जानकारी |
| पुराना आदेश दिनांक |
6 अप्रैल 2026 |
| नया आदेश दिनांक |
20 अप्रैल 2026 |
| विभाग का नाम |
नगर विकास एवं आवास विभाग |
| मुख्य निर्णय |
परीक्षा देने की संख्या पर लगी पाबंदी खत्म |
| हस्तक्षेप |
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी |