Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए सम्राट सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 66 करोड़ 66 लाख 66 हजार रुपये की राशि मंजूर की है। यह प
Bihar: बिहार के ग्रामीण इलाकों में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए सम्राट सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण विकास विभाग ने मनरेगा के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 66 करोड़ 66 लाख 66 हजार रुपये की राशि मंजूर की है। यह पैसा केंद्र सरकार से मिली 200 करोड़ रुपये की सहायता के अनुपात में राज्य सरकार द्वारा दिया गया राज्यांश है, जिससे गांवों में बुनियादी सुविधाओं का काम तेज होगा।
गांवों में क्या-क्या काम होंगे और किसे मिलेगा फायदा
इस बजट का मुख्य उद्देश्य गांवों की सड़कों, तालाबों और नालों की हालत सुधारना है। राज्य में कुल 4460 छोटी नहरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा, जिनमें से 2829 योजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। इसके अलावा नए तालाब बनाने, पुराने तालाबों की सफाई और मिट्टीकरण जैसे काम किए जाएंगे। इससे न केवल गांव का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय मजदूरों को रोजगार के मौके मिलेंगे और लंबित पड़ी योजनाएं पूरी होंगी।
नया कानून ‘VB-GRAMJI’ और रोजगार के नए नियम
1 जुलाई 2026 से मनरेगा की जगह एक नया कानून ‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-GRAMJI कानून 2025 लागू होगा। इस नई व्यवस्था में मजदूरों के लिए रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। मनरेगा आयुक्त अभिलाषा कुमारी शर्मा के अनुसार, अब मजदूर मोबाइल ऐप और ऑनलाइन तरीके से काम के लिए आवेदन कर सकेंगे। समय पर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिलेगा और मजदूरी सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए भेजी जाएगी।
पारदर्शिता और मुखियाओं के बढ़े अधिकार
भ्रष्टाचार रोकने के लिए ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट के लिए 9.47 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। साथ ही, जून 2025 में सरकार ने मुखियाओं के अधिकार बढ़ा दिए हैं। अब मुखिया बिना किसी प्रशासनिक मंजूरी के 10 लाख रुपये तक की योजनाओं को खुद मंजूर कर सकेंगे, जो पहले केवल 5 लाख रुपये तक सीमित था। इससे जमीनी स्तर पर काम की गति बढ़ेगी और कागजी कार्यवाही में लगने वाला समय बचेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नए VB-GRAMJI कानून के तहत मजदूरों को कितने दिन का काम मिलेगा?
1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले नए कानून के तहत ग्रामीण मजदूरों को अब साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी मिलेगी, जो पहले 100 दिन थी।
मुखिया अब कितनी राशि तक की योजनाओं को खुद मंजूरी दे सकते हैं?
बिहार सरकार के नए फैसले के अनुसार, अब मुखिया मनरेगा के तहत 10 लाख रुपये तक की योजनाओं को बिना किसी प्रशासनिक स्वीकृति के मंजूरी दे सकेंगे।