Bihar में ग्रामीण रोजगार के लिए 1307 करोड़ रुपये जारी, अब साल में मिलेंगे 125 दिन के काम
Bihar: राज्य के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार सरकार ने VB-G RAM G योजना के तहत मजदूरी के लिए 1307.53 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने 14 जुलाई 2026 को इसकी
Bihar: राज्य के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार सरकार ने VB-G RAM G योजना के तहत मजदूरी के लिए 1307.53 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने 14 जुलाई 2026 को इसकी जानकारी दी। इस कदम से गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ेगी और लोगों को रोजगार के बेहतर मौके मिलेंगे।
यह नई योजना ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी VB-G RAM G के नाम से जानी जाती है। इसने 1 जुलाई 2026 से मनरेगा (MGNREGA) की जगह ली है। इस योजना की सबसे बड़ी बात यह है कि अब पात्र ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन के काम की कानूनी गारंटी मिलेगी।
इस योजना के कामकाज और नियमों को नीचे दी गई टेबल में आसान भाषा में समझाया गया है:
| खास बात | विवरण |
|---|---|
| काम की गारंटी | हर साल 125 दिन का रोजगार |
| फंडिंग मॉडल | केंद्र और राज्य के बीच 60:40 का बंटवारा |
| बेरोजगारी भत्ता | काम मांगने के 15 दिन के भीतर काम न मिलने पर भत्ता मिलेगा |
| खेती के लिए ब्रेक | बुवाई और कटाई के समय 60 दिन का अनिवार्य ब्रेक रहेगा |
| पंचायत श्रेणी | जरूरतों के आधार पर ग्राम पंचायतों को A, B और C कैटेगरी में बांटा गया है |
बिहार सरकार ने मजदूरों के हित को देखते हुए जुलाई 2026 में इस योजना के ‘लीन पीरियड’ (काम की छुट्टी वाले समय) की तारीखों में बदलाव भी किया है। ऐसा इसलिए किया गया ताकि खरीफ की खेती और मानसून की खराब स्थिति के दौरान भी मजदूरों को काम मिलता रहे। इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस योजना को लागू करने वाली बड़ी राज्यों की लिस्ट में बिहार सबसे आगे रहा है। हालांकि, 60:40 के खर्च साझा करने वाले फॉर्मूले की वजह से राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ा है, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार इसे पूरी तरह लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।