Bihar: बिहार सरकार अपने सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत राज्य में दालों और तिलहन के उत्पादन को तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कृषि विभाग ने अगले पांच सालों में दलहन उत्पादन को 3.93 लाख टन से बढ़ाकर 11.27 लाख टन करने क
Bihar: बिहार सरकार अपने सात निश्चय-3 कार्यक्रम के तहत राज्य में दालों और तिलहन के उत्पादन को तेजी से बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कृषि विभाग ने अगले पांच सालों में दलहन उत्पादन को 3.93 लाख टन से बढ़ाकर 11.27 लाख टन करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए खेती का दायरा भी 4.48 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 9.19 लाख हेक्टेयर किया जाएगा ताकि राज्य दालों के मामले में आत्मनिर्भर बन सके।
किसानों को क्या मिलेगी सरकारी मदद और सब्सिडी?
सरकार किसानों को खेती के लिए उच्च गुणवत्ता वाले बीज अनुदानित दरों पर उपलब्ध कराएगी। दलहन और तिलहन के प्रमाणित बीजों पर 80% तक की सब्सिडी दी जाएगी। बीज प्रणाली को मजबूत करने के लिए 45,922 क्विंटल प्रमाणित और 2,043 क्विंटल आधार बीज का उत्पादन किया जाएगा, जबकि 1,15,742 क्विंटल उच्च गुणवत्ता वाले बीज सीधे किसानों तक पहुंचाए जाएंगे।
MSP पर खरीद और फसलों के दाम क्या रहेंगे?
केंद्र सरकार ने बिहार में मसूर, चना और सरसों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद को मंजूरी दे दी है। रबी विपणन मौसम 2026-27 के लिए मसूर का MSP 7,000 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। मसूर की खरीद 10 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है।
| फसल |
खरीद लक्ष्य (मीट्रिक टन) |
| मसूर |
32,000 |
| चना |
16,750 |
| सरसों |
28,000 |
उत्पादन बढ़ाने के लिए और क्या कदम उठाए गए हैं?
राज्य में ‘दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन’ लागू किया गया है। इसके तहत दाल मिलों और पैकेजिंग इकाइयों को लगाने के लिए विशेष पूंजी अनुदान की मांग की गई है। साथ ही, पानी की बचत के लिए ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई पर 90% तक केंद्रीय अनुदान की मांग की गई है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।