Bihar में पेपर लीक अब संगठित अपराध, गुंडा एक्ट के तहत होगी कार्रवाई, कैबिनेट ने दी मंजूरी
Bihar: राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक करने वाले गिरोहों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब पेपर लीक को सामान्य अपराध के बजाय संगठित अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। यह निर्णय 23 जुलाई, 2026 को उपमु
Bihar: राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक करने वाले गिरोहों के खिलाफ एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब पेपर लीक को सामान्य अपराध के बजाय संगठित अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। यह निर्णय 23 जुलाई, 2026 को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के दौरान लिया गया।
सरकार ने ‘बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम, 2024’ में बदलाव का प्रस्ताव पास कर दिया है। इस नए नियम के बाद अब परीक्षा माफियाओं और संगठित गिरोहों पर ‘गुंडा एक्ट’ लगाया जाएगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि पेपर लीक अब एक सुनियोजित अपराध बन चुका है जिसमें बड़े गिरोह शामिल होते हैं। इस कदम का मकसद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना और युवाओं के भरोसे को मजबूत करना है।
कानूनी तौर पर इस फैसले का बड़ा असर पड़ेगा। गुंडा एक्ट के तहत पुलिस अब संदिग्धों की गतिविधियों पर सीधी नजर रख सकेगी और मुख्य आरोपियों को जिलाबदर भी किया जा सकेगा। भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के साथ जब गुंडा एक्ट का शिकंजा कसेगा, तो दोषियों के लिए जेल से बाहर आना काफी मुश्किल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सख्ती से पेपर लीक करने वाले गिरोहों पर लगाम लगेगी।