Bihar: बिहार सरकार ने प्राइवेट स्कूलों में फीस और अन्य शुल्कों की मनमानी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अब स्कूलों को अपनी फीस का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा। इस नई व्यव
Bihar: बिहार सरकार ने प्राइवेट स्कूलों में फीस और अन्य शुल्कों की मनमानी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अब स्कूलों को अपनी फीस का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करना होगा। इस नई व्यवस्था का मकसद अभिभावकों और छात्रों को स्कूलों द्वारा किए जाने वाले आर्थिक शोषण से बचाना है।
फीस और किताबों की खरीद के लिए क्या हैं नए नियम?
अब सभी निजी स्कूलों को अपनी फीस संरचना, जिसमें एडमिशन, मंथली और सालाना फीस शामिल है, नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर डालनी होगी। स्कूल अब अभिभावकों को किसी खास दुकान से किताबें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर पाएंगे। माता-पिता अपनी सुविधा और बजट के हिसाब से कहीं से भी सामान खरीद सकेंगे। इसके अलावा, फीस बकाया होने पर किसी भी छात्र को परीक्षा देने या रिजल्ट लेने से नहीं रोका जाएगा।
नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कितना लगेगा जुर्माना?
बिहार निजी विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम, 2019 के तहत नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। पहली बार गलती करने पर 1 लाख रुपये और उसके बाद हर बार 2 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा। अगर स्कूल बार-बार नियमों की अनदेखी करेंगे, तो उनकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है।
फीस बढ़ाने और ऑडिट की क्या है प्रक्रिया?
| विवरण |
नियम |
| अधिकतम फीस वृद्धि |
पिछले साल से अधिकतम 7 प्रतिशत |
| 7% से अधिक वृद्धि |
शुल्क विनियमन समिति की मंजूरी जरूरी |
| खातों की जांच |
हर साल चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा ऑडिट अनिवार्य |
| निगरानी |
मंडल स्तर पर शुल्क विनियमन समिति और राज्य अपीलीय प्राधिकरण का गठन |
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या स्कूल अब किताबों के लिए किसी दुकान का नाम बता सकते हैं?
नहीं, नए नियमों के अनुसार स्कूल अभिभावकों को किसी विशेष दुकान या विक्रेता से किताबें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकते। अभिभावक अपनी पसंद की दुकान से सामान खरीद सकते हैं।
फीस जमा न होने पर क्या बच्चे की परीक्षा रोकी जा सकती है?
नहीं, सरकार ने साफ किया है कि फीस बकाया होने की स्थिति में भी किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने या अपना रिजल्ट प्राप्त करने से वंचित नहीं किया जाएगा।