Bihar: बिहार सरकार राज्य की 47 साल पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने जा रही है। इसके लिए सरकार ‘नई कार्यपालिका नियमावली 2026’ तैयार कर रही है ताकि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आए और आम लोगों को मिलने
Bihar: बिहार सरकार राज्य की 47 साल पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने जा रही है। इसके लिए सरकार ‘नई कार्यपालिका नियमावली 2026’ तैयार कर रही है ताकि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आए और आम लोगों को मिलने वाली सेवाएं और बेहतर हो सकें। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस पूरी पहल की कमान संभाल रहे हैं और इसके लिए सभी विभागों से रिपोर्ट मांगी गई है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया के नए नियम क्या हैं
बिहार सरकारी सेवक आचार (संशोधन) नियमावली 2026 के तहत अब सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया पर सरकार की नीतियों या कोर्ट के फैसलों पर अपनी निजी राय नहीं दे सकेंगे। ऑफिस के अंदर रील बनाना, फोटो-वीडियो खींचना या सरकारी दस्तावेज साझा करना पूरी तरह बंद कर दिया गया है। साथ ही, निजी अकाउंट के लिए सरकारी ईमेल या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल नहीं होगा और किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति का समर्थन या विरोध करना मना है।
नौकरी और अन्य सख्त पाबंदियां क्या होंगी
नए नियमों के मुताबिक, अब सरकारी कर्मचारी अपनी पूरी सर्विस में केवल एक बार प्रतियोगी परीक्षा दे पाएंगे, जिसके लिए NOC लेना जरूरी होगा, जबकि पहले यह सीमा पांच बार थी। इसके अलावा, कर्मचारी यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म से पैसे नहीं कमा सकेंगे और जाति या धर्म से जुड़ी भड़काऊ पोस्ट डालने पर रोक रहेगी। यौन शोषण पीड़ितों और बाल अपराधियों की जानकारी सार्वजनिक करना भी अब अपराध माना जाएगा।
प्रशासनिक फेरबदल और आगे की प्रक्रिया
सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने इन नियमों की जानकारी दी है। इस बदलाव के साथ ही राज्य में प्रशासनिक फेरबदल भी हुआ है, जिसमें आईएएस अधिकारी सी.के. अनिल की जगह जय सिंह को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का प्रभार सौंपा गया है। बिहार प्रशासनिक सेवा के कई अधिकारियों का भी ट्रांसफर किया गया है, जिसकी अधिसूचना 28 अप्रैल 2026 को जारी हुई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नई कार्यपालिका नियमावली 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका मुख्य उद्देश्य बिहार की 47 साल पुरानी प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाना, सरकारी प्रक्रियाओं को सरल करना और जनसेवाओं में पारदर्शिता लाना है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए परीक्षा देने के नियम में क्या बदलाव हुआ है
अब सरकारी कर्मचारी अपनी पूरी सेवा अवधि में केवल एक बार प्रतियोगी परीक्षा दे सकते हैं, जिसके लिए उन्हें अनिवार्य रूप से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना होगा।