Bihar: बिहार सरकार राज्य के सभी कोचिंग सेंटरों को कंट्रोल करने के लिए एक मेगा प्लान पर काम कर रही है। अब बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग चलाना भारी पड़ेगा क्योंकि इसके लिए सख्त जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मकसद
Bihar: बिहार सरकार राज्य के सभी कोचिंग सेंटरों को कंट्रोल करने के लिए एक मेगा प्लान पर काम कर रही है। अब बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग चलाना भारी पड़ेगा क्योंकि इसके लिए सख्त जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार का मकसद कोचिंग संस्थानों में पारदर्शिता लाना और छात्रों को बेहतर सुविधाएं दिलाना है। नई पॉलिसी को अप्रैल 2026 से पूरी तरह लागू किए जाने की उम्मीद है।
कोचिंग सेंटरों के लिए क्या हैं नए नियम और शर्तें
सरकार ने साफ किया है कि सभी कोचिंग संस्थानों को अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए 5,000 रुपये फीस देनी होगी और हर तीन साल में 3,000 रुपये देकर इसे रिन्यू कराना होगा। कोचिंग सेंटरों को अपने कोर्स की पूरी फीस की जानकारी रजिस्ट्रेशन के समय देनी होगी और इसे संस्थान के बाहर बोर्ड पर लगाना होगा। साथ ही, किसी भी कोचिंग सेंटर को स्कूल के पास खोलने की अनुमति नहीं होगी और स्कूल के समय (सुबह 9 से शाम 4 बजे तक) क्लास नहीं चलाई जा सकेंगी।
जुर्माना और सुविधाओं से जुड़े कड़े प्रावधान
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। पहली बार गलती करने पर 25,000 रुपये और दूसरी बार में 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। बार-बार नियम तोड़ने पर रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा सकता है। बुनियादी सुविधाओं के नाम पर हर छात्र के लिए एक स्क्वायर मीटर जगह, पर्याप्त रोशनी, हवा, पीने का पानी, टॉयलेट, फायर एक्सटिंगुइशर और फर्स्ट-एड किट होना जरूरी है।
शिक्षकों की योग्यता और सरकारी टीचरों पर रोक
कोचिंग में पढ़ाने वाले टीचर कम से कम ग्रेजुएट होने चाहिए। उनके बायो-डाटा और अनुभव के कागजात जमा करना अनिवार्य होगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी भी सरकारी टीचर को प्राइवेट कोचिंग में पढ़ाने की इजाजत नहीं होगी। अगर कोई सरकारी शिक्षक ऐसा करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। छात्रों की शिकायतों के लिए संबंधित क्षेत्र के SDO को जिम्मेदार बनाया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग चलाने पर कितना जुर्माना लगेगा?
बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग चलाने पर पहली बार उल्लंघन के लिए 25,000 रुपये और दूसरी बार पकड़े जाने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
नई कोचिंग पॉलिसी कब से पूरी तरह लागू होगी?
बिहार सरकार की नई कोचिंग पॉलिसी को कैबिनेट की मंजूरी के बाद अप्रैल 2026 से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के साथ लागू करने की योजना है।