Bihar: बिहार सरकार राज्य में कोचिंग सेंटरों के संचालन को लेकर सख्त कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि कोचिंग संस्थानों के लिए जल्द ही एक नया बिल और नियमावली लाई जाए। इस कद
Bihar: बिहार सरकार राज्य में कोचिंग सेंटरों के संचालन को लेकर सख्त कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि कोचिंग संस्थानों के लिए जल्द ही एक नया बिल और नियमावली लाई जाए। इस कदम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन लाना और विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करना है।
कोचिंग संस्थानों के लिए क्या होंगे नए नियम
अब सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पूरी जानकारी जिला प्रशासन को देनी होगी। इसके अलावा, स्कूल और कॉलेज के समय के दौरान कोई भी कोचिंग क्लास नहीं चलेगी। हालांकि, यह नियम उन छात्रों पर लागू नहीं होगा जिन्होंने अपनी नियमित स्कूल या कॉलेज की पढ़ाई पूरी कर ली है। नए कानून के तहत कोचिंग संस्थानों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा और बिना रजिस्ट्रेशन चलाने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लग सकता है।
भ्रामक विज्ञापनों पर रोक और बुनियादी सुविधाएं
सरकार अब ‘सफलता की गारंटी’ जैसे भ्रामक विज्ञापनों पर रोक लगाएगी। साथ ही, कोचिंग संस्थानों के लिए कुछ बुनियादी मानक तय किए गए हैं। संस्थानों को अग्निशमन प्रमाणपत्र (Fire Safety), शुद्ध पेयजल, अलग शौचालय, सीसीटीवी कैमरा और दिव्यांग अनुकूल व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। इन सभी नियमों की निगरानी के लिए ‘बिहार कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं विनियमन) प्राधिकरण’ का गठन किया जाएगा, जिसके अध्यक्ष शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव होंगे।
इन बदलावों का असर किन पर होगा
इन नियमों का सबसे ज्यादा असर उन कोचिंग सेंटरों पर पड़ेगा जो IIT और मेडिकल जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराते हैं। यह फैसला पटना में हाल ही में खान सर कोचिंग सेंटर और ज्ञान बिंदू कोचिंग के बीच हुए विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद लिया गया है। सरकार चाहती है कि राज्य में कोचिंग के नाम पर छात्रों का शोषण न हो और पढ़ाई की गुणवत्ता बनी रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या स्कूल जाने वाले छात्र स्कूल के समय कोचिंग जा सकते हैं?
नहीं, नए नियमों के अनुसार स्कूल और कॉलेज के निर्धारित समय के दौरान कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित नहीं किया जाएगा। यह नियम केवल उन्हीं छात्रों के लिए नहीं होगा जिन्होंने अपनी नियमित पढ़ाई पूरी कर ली है।
बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग चलाने पर क्या जुर्माना होगा?
प्रस्तावित कोचिंग बिल के पुराने ड्राफ्ट के अनुसार, बिना पंजीकरण के कोचिंग संस्थान चलाने पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।