Bihar बनेगा AI हब, सम्राट सरकार Google और Microsoft जैसी बड़ी कंपनियों के साथ करेगी MOU साइन

Bihar: बिहार सरकार राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए बड़ी तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, को-रोवर और सर्वम एआई जैसी दुनिया की दिग्गज टेक कंप

Bihar: बिहार सरकार राज्य को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आगे ले जाने के लिए बड़ी तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, को-रोवर और सर्वम एआई जैसी दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के साथ हाथ मिलाया है। इस पहल का मुख्य मकसद बिहार को एक एआई हब के रूप में विकसित करना है, जिससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए मौके खुलेंगे और सरकारी कामकाज में डिजिटल बदलाव आएगा।

बिहार कैबिनेट ने 24 जून 2026 को सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के चार अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी और इन कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (MOU) पर हस्ताक्षर किए। सरकार की योजना है कि सरकारी अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों और युवाओं को एआई की विशेष ट्रेनिंग दी जाए। इसके लिए बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन (BAIM) का गठन किया गया है, जिसमें सिंगापुर के ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क (GFTN) की मदद ली जा रही है।

राज्य में तकनीकी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बिहार जीसीसी नीति 2026 के तहत गूगल को राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया है। साथ ही, आईआईटी पटना के सहयोग से एक मेगा एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI CoE) बनाया जा रहा है, जिसके लिए टाइगर एनालिटिक्स के साथ समझौता हुआ है।

कंपनी/संस्था मुख्य भूमिका/लक्ष्य
Google Cloud India क्लाउड कंप्यूटिंग, ट्रेनिंग और एकीकृत डेटा हब का निर्माण
Microsoft India डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और स्टार्टअप्स को सपोर्ट
Co-Rover बिहार की जरूरतों के हिसाब से ‘बिहारजीपीटी’ एआई मॉडल विकसित करना
Sarvam AI स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देना और एआई तक सबकी पहुंच बनाना
IIT Patna रिसर्च पार्क और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए ज्ञान भागीदार
GFTN (सिंगापुर) सरकारी कर्मचारियों के लिए 5 महीने का एडवांस सर्टिफिकेशन प्रोग्राम

इस पूरी योजना का असर आम लोगों और छात्रों पर भी दिखेगा। सरकार ने राज्य के सभी 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में मुफ्त एआई कोर्स और लैब शुरू करने का फैसला किया है। इसके अलावा, अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय और आईआईटी पटना ने मिलकर 600 अल्पसंख्यक युवाओं को एआई टेक्नोलॉजिस्ट के रूप में तैयार करने का समझौता किया है। सरकार जल्द ही अपनी स्वतंत्र एआई नीति भी सार्वजनिक करेगी, जिससे राज्य में निवेश बढ़ेगा और युवाओं की नौकरी पाने की क्षमता में सुधार होगा।