Bihar: बिहार सरकार अब मेगा सड़क परियोजनाओं और एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण का नया तरीका अपनाने जा रही है। पथ निर्माण विभाग लैंड पूलिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। इस योजना में किसानों को सीधे मुआवजे के बजाय वि
Bihar: बिहार सरकार अब मेगा सड़क परियोजनाओं और एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण का नया तरीका अपनाने जा रही है। पथ निर्माण विभाग लैंड पूलिंग सिस्टम लागू करने की तैयारी में है। इस योजना में किसानों को सीधे मुआवजे के बजाय विकसित जमीन का एक हिस्सा वापस मिलेगा, जिससे उनकी जमीन की कीमत पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ जाएगी।
लैंड पूलिंग मॉडल में जमीन का बंटवारा कैसे होगा?
इस नई नीति के तहत जमीन मालिकों को उनकी मूल जमीन का 55% हिस्सा विकसित प्लॉट के रूप में वापस दिया जाएगा। बाकी बची 45% जमीन का इस्तेमाल सरकार अलग-अलग कामों के लिए करेगी। इसमें 22% हिस्सा सड़कों और ट्रांसपोर्ट के लिए, 15% विकास लागत निकालने के लिए, 5% सार्वजनिक सुविधाओं जैसे पार्क और अस्पताल के लिए और 3% हिस्सा कमजोर वर्ग के आवास के लिए रखा गया है।
किन शहरों और प्रोजेक्ट्स पर होगा असर?
सरकार ने 11 शहरों के पास ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना बनाई है। पटना में मास्टर प्लान 2031 तक और सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर जैसे शहरों में 30 मार्च 2027 तक चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक रहेगी। शहरी विकास और आवास मंत्री श्री जीवेश कुमार ने बताया कि यह बिहार में नियोजित शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
योजना की मुख्य शर्तें और प्रक्रिया क्या है?
इस लैंड पूलिंग प्रक्रिया में जमीन मालिकों की भागीदारी स्वैच्छिक होगी। टाउनशिप की अधिसूचना जारी होने के दो महीने के भीतर प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें भूस्वामियों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। विकसित जमीन उसी जगह या टाउनशिप के आसपास आवंटित की जाएगी। अगर आवंटन में कोई समस्या आती है, तो लॉटरी सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा और प्रोजेक्ट में देरी होने पर जुर्माने का भी प्रावधान है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लैंड पूलिंग योजना में किसानों को कितना हिस्सा वापस मिलेगा?
इस योजना के तहत जमीन मालिकों को उनकी मूल जमीन का 55% हिस्सा विकसित भूखंडों के रूप में वापस मिलेगा।
किन शहरों में जमीन की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है?
पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर जैसे अधिसूचित शहरों में निर्धारित समय तक प्रतिबंध रहेगा।