Bihar: बिहार सरकार राज्य में नए उद्योग लगाने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बड़े बदलाव करने जा रही है। सरकार का लक्ष्य पुराने और जटिल कानूनों को खत्म कर कारोबार करने के तरीके को सरल बनाना है। इसके लिए पटना में केंद्र सरक
Bihar: बिहार सरकार राज्य में नए उद्योग लगाने और निवेश को बढ़ावा देने के लिए बड़े बदलाव करने जा रही है। सरकार का लक्ष्य पुराने और जटिल कानूनों को खत्म कर कारोबार करने के तरीके को सरल बनाना है। इसके लिए पटना में केंद्र सरकार के विशेष सचिव KK Pathak और बिहार के मुख्य सचिव Pratyay Amrit ने एक हाई लेवल मीटिंग की, जिसमें निवेशकों के लिए ‘रेड कार्पेट’ बिछाने की तैयारी की गई है।
पुराने नियमों में क्या बदलाव होंगे और क्या होगा नया सिस्टम
केके पाठक ने सभी विभागों को निर्देश दिया है कि वे उन नियमों और रजिस्टरों की लिस्ट बनाएं जिन्हें हटाया जा सकता है। ‘डीरेगुलेशन 2.0’ के तहत अगले 15 दिनों में लंबित कामों को पूरा कर पोर्टल पर डालना होगा। साथ ही, छोटी तकनीकी गलतियों के लिए जेल भेजने जैसे कड़े प्रावधानों को हटाकर अब सिर्फ जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी मंजूरियों के लिए ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ और ‘स्व-प्रमाणीकरण’ (Self-Certification) को अनिवार्य कर दिया है ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
निवेशकों के लिए क्या हैं खास फायदे और प्रोत्साहन
बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025 (BIPPP-2025) के तहत निवेशकों को कई बड़ी राहतें दी जा रही हैं। इसमें मुफ्त जमीन से लेकर टैक्स में छूट और रोजगार सहायता शामिल है।
| सुविधा/प्रोत्साहन |
विवरण/शर्त |
| मुफ्त जमीन |
100 करोड़ से अधिक निवेश पर 10 एकड़ तक, 1000 करोड़ से अधिक पर 25 एकड़ तक |
| जमीन दरों में छूट |
BIADA दरों पर 50% की छूट का विकल्प |
| वित्तीय सहायता |
40 करोड़ तक ब्याज अनुदान और 100% SGST प्रतिपूर्ति |
| रोजगार सहायता |
योग्य उद्योगों को प्रति श्रमिक 5,000 रुपये महीना + ईएसआई/ईपीएफ मदद |
| निर्यात प्रोत्साहन |
14 सालों के लिए सालाना 40 लाख रुपये तक की मदद |
| कौशल विकास |
प्रति कर्मचारी 20,000 रुपये का अनुदान |
शहरी नियोजन और बिल्डिंग नियमों में क्या बदलेगा
शहरों के विकास के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) के नियमों को आसान बनाया जाएगा। साथ ही, नेशनल बिल्डिंग कोड फॉर सस्टेनेबिलिटी (NBCS) 2026 के नए मानकों को राज्य के बिल्डिंग बायलॉज में जोड़ा जाएगा। सरकारी संपत्तियों के बेहतर मैनेजमेंट के लिए ‘टोटल फैसिलिटी मैनेजमेंट’ (TFM) मॉडल अपनाया जाएगा। इसके अलावा, बंद पड़ी चीनी मिलों को निजी कंपनियों या सहकारी समितियों को सौंपने के लिए नियमों में बदलाव किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार में नए उद्योगों के लिए जमीन के क्या नियम हैं?
BIPPP-2025 के तहत 100 करोड़ से ज्यादा निवेश और 1000 नौकरियों के बदले 10 एकड़ तक और 1000 करोड़ से अधिक निवेश पर 25 एकड़ तक मुफ्त जमीन मिल सकती है।
डीरेगुलेशन 2.0 का कारोबारियों पर क्या असर होगा?
इसके तहत अनावश्यक नियमों और कागजी कार्रवाई को खत्म किया जाएगा और छोटी तकनीकी गलतियों के लिए जेल की जगह जुर्माना लगाने का प्रावधान होगा।