Bihar में बनेंगे 12 आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप, HUDCO के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का हुआ समझौता

Bihar: बिहार में शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO) के साथ 1 लाख

Bihar: बिहार में शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (HUDCO) के साथ 1 लाख करोड़ रुपये के दीर्घकालिक वित्तपोषण का समझौता किया है। यह समझौता शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की मौजूदगी में हुआ।

इस समझौते पर शहरी विकास और आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार और HUDCO के सीएमडी संजय कुलश्रेष्ठ ने हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इन टाउनशिप से बिहार में नियोजित आवास और आधुनिक बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, जिससे लोगों के रहने के स्तर में सुधार होगा। सरकार का लक्ष्य इस पहल के जरिए बिहार में शहरीकरण के स्तर को 35% तक ले जाना है।

इस प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ सरकारी पैसा ही नहीं, बल्कि निजी और संस्थागत स्रोतों से भी करीब 6 लाख करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इन शहरों में आधुनिक सड़क नेटवर्क, पानी की सप्लाई, सीवरेज, बिजली, ग्रीन स्पेस, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाएं होंगी।

जमीन अधिग्रहण के लिए सरकार ने ‘लैंड पूलिंग’ मॉडल अपनाया है। इसके तहत किसानों को उनके विकसित हिस्से की 55% जमीन वापस मिलेगी। जमीन अधिग्रहण के लिए आवेदन करने के 30 दिनों के भीतर मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

विशेष विवरण जानकारी
कुल टाउनशिप 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप
HUDCO फंडिंग 1 लाख करोड़ रुपये
संभावित कुल निवेश 7 लाख करोड़ रुपये (HUDCO + प्राइवेट)
लैंड पूलिंग मॉडल किसानों को 55% विकसित जमीन वापस
मुख्य लक्ष्य 35% शहरीकरण हासिल करना
विशेष प्रावधान 22% कनेक्टिविटी, 5% ग्रीन स्पेस, 15% इंफ्रास्ट्रक्चर

बता दें कि इससे पहले जून 2026 में मुख्यमंत्री ने ‘पाटलिपुत्र’ नाम से एक बड़ी सैटेलाइट टाउनशिप बनाने की योजना भी बताई थी, जो लगभग 66,000 एकड़ में होगी। फिलहाल इन चिन्हित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण पर रोक लगाई गई है ताकि योजना के अनुसार विकास हो सके।