Bihar के सरकारी अस्पतालों में लगेंगे CCTV कैमरे, मशीनें खराब मिलीं तो अफसरों पर होगी कार्रवाई

Bihar: राज्य के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब बिहार के लगभग 15,000 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि

Bihar: राज्य के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब बिहार के लगभग 15,000 सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि इन कैमरों के जरिए पटना स्थित कंट्रोल रूम से सीधे अस्पतालों की निगरानी होगी, ताकि मरीजों को बेहतर सुविधा मिल सके और कर्मचारियों की लापरवाही पर लगाम लगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने साफ किया है कि अगर किसी अस्पताल में मशीनें खराब पाई गईं या जरूरी दवाइयां नहीं मिलीं, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। डॉक्टरों और स्टाफ की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए एक खास सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जा रहा है, जिससे उनकी OPD, IPD, सर्जरी और राउंड का पूरा रिकॉर्ड रखा जा सकेगा।

दवाइयों की उपलब्धता को लेकर भी लक्ष्य तय किया गया है। विभाग का लक्ष्य सरकारी संस्थानों में 504 तरह की दवाएं उपलब्ध कराना है, जिनमें से फिलहाल 350 दवाएं मिल रही हैं। साथ ही, अगर किसी अस्पताल में एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड जैसी मशीन खराब होती है, तो सिविल सर्जन और अस्पताल प्रभारी की जिम्मेदारी होगी कि मरीज को पास के दूसरे अस्पताल में जांच की सुविधा दिलवाएं।

सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए भी सरकार ने तैयारी की है। नेशनल हाइवेज लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) के जरिए नेशनल हाईवे पर वाहन मरम्मत और पंचर की सुविधा शुरू होगी। इसके अलावा, हाईवे और स्टेट हाईवे पर 100 नई एंबुलेंस तैनात की जाएंगी। दुर्घटना के बाद ‘गोल्डन आवर’ के दौरान घायलों को 1.5 लाख रुपये तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज दिया जाएगा।