Bihar: बिहार के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की कोशिशें अब रंग ला रही हैं. इसी बदलाव को करीब से देखने के लिए मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री Rajendra Shukla अपनी टीम के साथ बिहा
Bihar: बिहार के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की कोशिशें अब रंग ला रही हैं. इसी बदलाव को करीब से देखने के लिए मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री Rajendra Shukla अपनी टीम के साथ बिहार आए. उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और ‘कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ का दौरा किया ताकि बिहार के डिजिटल मॉडल को समझा जा सके.
बिहार के अस्पतालों में क्या बदलाव आए हैं
बिहार सरकार ने सरकारी अस्पतालों में कामकाज को पारदर्शी बनाने के लिए ‘Bhavya Portal’ शुरू किया है. अब मरीजों का रिकॉर्ड डिजिटल रखा जा रहा है जिससे इलाज में आसानी होगी. साथ ही, सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य कर दिए गए हैं. इसका मकसद भ्रष्टाचार को रोकना और मरीजों को बेहतर सुविधा देना है. अब ABHA ID के जरिए मरीज की पुरानी हिस्ट्री डॉक्टर तुरंत देख सकेंगे, जिससे लंबी लाइनों से राहत मिलेगी.
डॉक्टरों की निगरानी और नए नियम क्या हैं
स्वास्थ्य विभाग ने अब डॉक्टरों की जवाबदेही तय करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं. बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम को सख्ती से लागू किया गया है ताकि समय पर ड्यूटी सुनिश्चित हो सके. रात की ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों को सुबह अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी. इसके अलावा, अगर स्थानीय अस्पताल में सुविधा उपलब्ध है, तो डॉक्टरों को मरीज को बिना वजह बड़े अस्पतालों में रेफर करने से मना किया गया है. कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से अब जिला अस्पतालों की लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है.
MP के डिप्टी सीएम ने क्या कहा
मध्य प्रदेश के डिप्टी सीएम Rajendra Shukla ने बिहार सरकार के इन प्रयासों की तारीफ की. उन्होंने कहा कि तकनीक और कंप्यूटर के इस्तेमाल से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया गया है. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री Nishant और सचिव Kumar Ravi ने बताया कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक को अच्छी क्वालिटी का इलाज देना है. डिजिटल सिस्टम से अब अस्पतालों में लापरवाही कम होगी और शिकायतों पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Bhavya Portal क्या है और इससे मरीजों को क्या फायदा होगा?
Bhavya Portal बिहार स्वास्थ्य विभाग का एक डिजिटल सिस्टम है. इसमें मरीजों का डेटा डिजिटल स्टोर होता है, जिससे इलाज पारदर्शी होता है और दूरदराज के इलाकों में भी एक्सपर्ट डॉक्टरों की सलाह आसानी से मिल पाती है.
अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए क्या नए नियम लागू किए गए हैं?
अब डॉक्टरों के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य है और ड्यूटी रोस्टर का पालन करना होगा. साथ ही, बिना जरूरत मरीजों को रेफर करने पर रोक लगाई गई है और रात की ड्यूटी के बाद सुबह उपस्थिति दर्ज कराना जरूरी है.