Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में गुटखा और पान मसाला के शौकीनों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने गुटखा और पान मसाला के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर एक साल के लिए फिर से पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में गुटखा और पान मसाला के शौकीनों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग ने गुटखा और पान मसाला के उत्पादन, भंडारण और बिक्री पर एक साल के लिए फिर से पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला आम जनता की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि तंबाकू और निकोटीन से होने वाली कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को कम किया जा सके।
बिहार में यह बैन कब से लागू हुआ है?
स्वास्थ्य विभाग के सचिव और खाद्य सुरक्षा आयुक्त लोकेश कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह प्रतिबंध 30 मार्च 2026 से प्रभावी हो गया है। अगले एक साल तक राज्य में ऐसे किसी भी पान मसाला या गुटखा की बिक्री नहीं होगी जिसमें तंबाकू या निकोटीन का इस्तेमाल किया गया हो। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बाजारों की निगरानी करें और नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं।
किन-किन चीजों पर रहेगी पाबंदी और क्या है सरकारी आदेश?
सरकार ने इस आदेश के तहत कई गतिविधियों को पूरी तरह से रोक दिया है ताकि तंबाकू उत्पादों की पहुंच को खत्म किया जा सके। बैन के दायरे में आने वाली मुख्य चीजें इस प्रकार हैं:
- गुटखा और पान मसाला का नया उत्पादन और निर्माण
- इन उत्पादों का किसी भी गोदाम या दुकान में भंडारण
- राज्य के भीतर एक जिले से दूसरे जिले में इनका परिवहन
- बाजारों में थोक और खुदरा स्तर पर बिक्री और वितरण
अधिकारियों का कहना है कि गुटखा और पान मसाला का सेवन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है। सरकार का मुख्य उद्देश्य तंबाकू उत्पादों के सेवन को कम करना है। यदि कोई दुकानदार या व्यक्ति इस प्रतिबंध का उल्लंघन करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा।