Bihar में इकोटूरिज्म को बढ़ावा देगी सरकार, 29 डैम और 247 तालाब 30 साल की लीज पर निजी निवेशकों को मिलेंगे
Bihar: बिहार सरकार राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए एक बड़ा प्लान लेकर आई है। पटना में आयोजित ‘इकोटूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट’ के दौरान सरकार ने निजी निवेशकों को आमंत्रित किया है। इस योजना के तहत रा
Bihar: बिहार सरकार राज्य में पर्यटन को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए एक बड़ा प्लान लेकर आई है। पटना में आयोजित ‘इकोटूरिज्म इन्वेस्टर्स मीट’ के दौरान सरकार ने निजी निवेशकों को आमंत्रित किया है। इस योजना के तहत राज्य के जलाशयों और तालाबों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ. राम चंद्र प्रसाद और अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि यह विकास कार्य दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में 29 बड़े डैम को वर्ल्ड क्लास इकोटूरिज्म सेंटर बनाया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में प्रखंड स्तर के बड़े तालाबों और पोखरों को पर्यटन से जोड़ा जाएगा।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) अरविंदर सिंह के अनुसार, नालंदा, नवादा, मुंगेर और कुशेश्वरस्थान जैसे इलाकों में बड़ी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इन प्रोजेक्ट्स को 30 साल की लीज पर विकसित करने का प्रावधान है। सरकार ने इसके लिए निवेशकों से एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EoI) मांगा है।
निवेशकों के लिए नियमों को आसान बनाया जा रहा है और व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) के तहत सहायता दी जाएगी। उदाहरण के लिए, अगर किसी प्रोजेक्ट की लागत 20 करोड़ रुपये है, तो उस निवेशक को प्राथमिकता मिलेगी जिसे सरकार से सबसे कम वित्तीय मदद की जरूरत होगी।
सरकार का लक्ष्य अगले पांच साल में 60-70 इकोटूरिज्म स्थलों को विकसित करना है, जिससे करीब 20 लाख लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इसमें वाल्मीकि टाइगर रिजर्व और कैमूर टाइगर रिजर्व मुख्य आकर्षण होंगे। सहरसा की मत्स्यगंधा झील का काम 2026 तक और पश्चिम चंपारण के लव-कुश पार्क व वाल्मीकिनगर आइकॉनिक टूरिज्म पार्क का काम 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।