Bihar: बिहार के सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. परिवहन विभाग अब बसों में AI आधारित फेस डिटेक्टर और LED टीवी लगाने की तैयारी कर रहा है. इस नई तकनीक से न केवल यात्रियों की सुरक्
Bihar: बिहार के सरकारी बसों में सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. परिवहन विभाग अब बसों में AI आधारित फेस डिटेक्टर और LED टीवी लगाने की तैयारी कर रहा है. इस नई तकनीक से न केवल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि बिना टिकट यात्रा करने वालों पर भी लगाम कसी जाएगी.
बसों में फेस डिटेक्टर और LED TV से क्या होगा फायदा
परिवहन विभाग के सचिव Raj Kumar ने बताया कि फेस डिटेक्टर के जरिए यात्रियों की गिनती और उनकी पहचान आसान हो जाएगी. बसों के मुख्य गेट पर ये डिवाइस लगाए जाएंगे जो ऑटोमैटिक तरीके से यात्रियों का डेटा लेंगे. इस डेटा का मिलान टिकट बिक्री से किया जाएगा ताकि बिना टिकट सफर करने वालों का पता लगाया जा सके. साथ ही, बस के अंदर LED टीवी लगाए जाएंगे जिनमें लाइव फुटेज दिखेगा. इससे चोरी, छेड़खानी या किसी भी तरह की गलत हरकत पर तुरंत नजर रखी जा सकेगी और अपराधी डरेंगे.
कंट्रोल रूम से होगी पूरी निगरानी और अन्य नई पहल
इन सभी AI सिस्टम को एक सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा, जहां से रियल-टाइम निगरानी होगी. इसके अलावा बिहार सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सुरक्षित बनाने के लिए कई और कदम उठाए हैं:
- स्कूल बसों समेत सार्वजनिक वाहनों में Vehicle Location Tracking Devices (VLTD) और इमरजेंसी बटन लगाना अनिवार्य किया गया है.
- बिहार कैबिनेट ने शासन और स्किल डेवलपमेंट में AI के इस्तेमाल के लिए Bihar AI Mission को मंजूरी दी है.
- शहरों के लिए 400 इलेक्ट्रिक AC बसों की मंजूरी मिली है, जिनमें से 200 बसें जून 2026 से शुरू होंगी.
- सड़कों और हाईवे पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए 300 करोड़ रुपये के Intelligent Traffic Management System (ITMS) पर काम चल रहा है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
बसों में फेस डिटेक्टर लगाने का मुख्य उद्देश्य क्या है
इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सही गिनती करना, बिना टिकट यात्रा रोकने और सुरक्षा बढ़ाना है ताकि चोरी या छेड़खानी जैसी घटनाओं को तुरंत पकड़ा जा सके.
LED TV का इस्तेमाल बसों में कैसे होगा
बसों के अंदर लगे LED TV पर ऑनबोर्ड मॉनिटरिंग सिस्टम की लाइव फुटेज दिखाई देगी, जिससे यात्रियों और स्टाफ को पता रहेगा कि उनकी निगरानी हो रही है.