Bihar: बिहार सरकार ने बेतिया राज की हजारों एकड़ जमीन और संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए ‘बेतिया राज संपत्ति नियमावली 2026’ का मसौदा तैयार किया गया है। उपमुख्यमंत्री विजय
Bihar: बिहार सरकार ने बेतिया राज की हजारों एकड़ जमीन और संपत्तियों को अपने नियंत्रण में लेने की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए ‘बेतिया राज संपत्ति नियमावली 2026’ का मसौदा तैयार किया गया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ किया है कि राज्य के अंदर और बाहर की सभी चल-अचल संपत्तियों को कानूनी तरीके से सरकारी नियंत्रण में लाया जाएगा ताकि उनका सही इस्तेमाल जनहित में हो सके।
आपत्ति दर्ज करने और निपटारे के क्या नियम हैं?
सरकार सबसे पहले सभी संपत्तियों की एक लिस्ट सार्वजनिक करेगी। इसके बाद आम लोगों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए 60 दिनों का समय दिया जाएगा। जिला स्तर पर विशेष अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे जिनके पास सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां होंगी। ये अधिकारी अधिकतम 90 दिनों के भीतर सभी आपत्तियों का निपटारा करेंगे, जिसके बाद जिला प्रशासन सीधे जमीन का कब्जा ले लेगा।
किसे मिलेगी जमीन और किन पर होगी कार्रवाई?
सरकार ने 1 जनवरी 1986 को कट-ऑफ तारीख तय की है। जो लोग इस तारीख से पहले से जमीन पर काबिज हैं और उनके पास वैध दस्तावेज हैं, वे निर्धारित राशि जमा करके मालिकाना हक पा सकते हैं। लेकिन 1 जनवरी 1986 के बाद कब्जा करने वालों को अतिक्रमणकारी माना जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें उनके बनाए भवनों को हटाना भी शामिल है।
बेतिया राज की संपत्तियों का विवरण क्या है?
| विवरण |
जानकारी |
| कुल जमीन |
लगभग 24,477 एकड़ |
| प्रमुख जिले |
पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण, गोपालगंज, सिवान और पटना |
| लक्ष्य |
संरक्षण, प्रबंधन और अवैध कब्जों को हटाना |
| विशेष सहायता |
ऐतिहासिक संपत्तियों के लिए पुरातात्विक संस्थानों की मदद ली जाएगी |