Bihar: बिहार सरकार बेतिया राज की करीब 24,477 एकड़ जमीन को भू-माफियाओं से मुक्त कराने की तैयारी में है। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने “बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाली नियमावली, 2026” का ड
Bihar: बिहार सरकार बेतिया राज की करीब 24,477 एकड़ जमीन को भू-माफियाओं से मुक्त कराने की तैयारी में है। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने “बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाली नियमावली, 2026” का ड्राफ्ट तैयार किया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इस कदम से आम लोगों को राहत मिलेगी और जमीनों का इस्तेमाल विकास कार्यों के लिए हो सकेगा।
किसे मिलेगा मालिकाना हक और किन पर होगी कार्रवाई?
सरकार ने 1 जनवरी 1986 को कट-ऑफ तारीख तय किया है। इसके आधार पर फैसले लिए जाएंगे:
- 1986 से पहले वाले: जो लोग 1 जनवरी 1986 से पहले से जमीन पर काबिज हैं और उनके पास वैध कागज हैं, वे सरकारी शुल्क या लगान जमा करके मालिकाना हक पा सकेंगे। इसके लिए 40 साल के कब्जे को मानक माना गया है।
- 1986 के बाद वाले: इस तारीख के बाद कब्जा करने वालों को अतिक्रमणकारी माना जाएगा। इनके मकान जब्त किए जा सकते हैं और कानूनी कार्रवाई होगी।
- बिना कागज वाले: जिनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं होगा, उन्हें बिहार लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम, 1956 के तहत बेदखल कर दिया जाएगा।
दावा और आपत्ति की क्या है प्रक्रिया?
अधिसूचना जारी होने के बाद लोगों को अपनी बात रखने के लिए 60 दिनों का समय मिलेगा। जिला स्तर पर विशेष अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जिनके पास सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां होंगी। ये अधिकारी 90 दिनों के भीतर सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा करेंगे। अगर तय समय में कोई आपत्ति नहीं आती है, तो कलेक्टर उन संपत्तियों का कब्जा लेने की कार्रवाई करेंगे।
इन जमीनों का आगे क्या होगा?
सरकार का मुख्य उद्देश्य इन ऐतिहासिक और विरासत संपत्तियों का संरक्षण करना है, जिसके लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। इन जमीनों का उपयोग भविष्य में नए उद्योग लगाने, रोजगार पैदा करने और विकास से जुड़ी अन्य जरूरी परियोजनाओं के लिए किया जाएगा।