Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के 11 प्रमुख शहरों और सारण जिले के ग्रामीण इलाकों में जमीन खरीदने-बेचने और घर बनाने पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 22 अप्रैल 2026 को हुई कैबिनेट म
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य के 11 प्रमुख शहरों और सारण जिले के ग्रामीण इलाकों में जमीन खरीदने-बेचने और घर बनाने पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 22 अप्रैल 2026 को हुई कैबिनेट मीटिंग में लिया गया। सरकार का कहना है कि इससे शहरों का विकास सही तरीके से होगा और आधुनिक टाउनशिप बन सकेंगी।
किन शहरों में कब तक रहेगी रोक
नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने बताया है कि यह रोक पूरे शहर में नहीं बल्कि केवल प्रस्तावित टाउनशिप क्षेत्रों में लागू है। अलग-अलग शहरों के लिए समय सीमा तय की गई है:
| प्रभावित शहर |
रोक की समय सीमा |
| पटना, सोनपुर, गयाजी, दरभंगा, मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा |
31 मार्च 2027 तक |
| छपरा, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और सीतामढ़ी |
30 जून 2027 तक |
अधिकारियों के मुताबिक अगर मास्टर प्लान समय से पहले तैयार हो गया, तो यह प्रतिबंध पहले भी हटाया जा सकता है।
सारण जिले में क्या है नई योजना
छपरा और सोनपुर को मिलाकर एक नया सैटेलाइट टाउन विकसित किया जाएगा जिसे ‘सारण’ नाम दिया गया है। इसमें कुल 78 राजस्व ग्राम शामिल किए गए हैं। महाराजगंज, शुकुलपुरा, बिशुनपुरा और पानापुर जैसे गांव इसके कोर एरिया में आते हैं। सरकार की नई नीति के तहत भूस्वामियों को विकसित जमीन का 55% हिस्सा वापस मिलेगा और इसके लिए लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया जाएगा।
विपक्ष ने फैसले को बताया जनविरोधी
इस फैसले के बाद राजनीति गरमा गई है। कांग्रेस नेता आकाश कुमार सिंह ने इसे जनविरोधी बताते हुए तुरंत वापस लेने की मांग की है। वहीं राजद नेता रोहिणी आचार्य ने इसे अव्यवहारिक कहा है। उन्होंने आशंका जताई कि इस कदम से बिहार की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा और सरकारी जमीन कम दामों पर बड़े कॉर्पोरेट घरानों को दी जा सकती है। छपरा और सोनपुर के स्थानीय किसानों और निवासियों में भी अपनी जमीन न बेच पाने को लेकर चिंता देखी जा रही है।