Bihar के 6 जिलों में शुरू होगा पत्थर खनन, सरकार को मिलेगा 2300 करोड़ का राजस्व

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में पत्थर और गिट्टी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने छह जिलों में 44 नए भूखंडों पर पत्थर खनन की मंजूरी दे दी है। इस कदम से बिहार अब पत्थर के लिए उत्तर प्रदेश और झारख

Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में पत्थर और गिट्टी के उत्पादन को बढ़ाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने छह जिलों में 44 नए भूखंडों पर पत्थर खनन की मंजूरी दे दी है। इस कदम से बिहार अब पत्थर के लिए उत्तर प्रदेश और झारखंड जैसे पड़ोसी राज्यों पर निर्भर नहीं रहेगा और राज्य को करीब 2300 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

सम्राट चौधरी सरकार ने 12 जुलाई 2026 को नवादा, गया, रोहतास, औरंगाबाद, बांका और शेखपुरा जिलों में खनन कार्य शुरू करने का निर्णय लिया। खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि बालू, पत्थर और अन्य खनिजों के जरिए सालाना 5000 करोड़ रुपये से ज्यादा का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। नवादा जिले में सबसे ज्यादा 17 भूखंड तय किए गए हैं, जहां के आठ पट्टों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं, बाकी की प्रक्रिया चल रही है।

खनन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसी MSTC के पोर्टल पर ई-नीलामी की जाएगी। इससे भ्रष्टाचार कम होगा और सही बोली लगाने वालों को मौका मिलेगा। इस काम के लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग और कला, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेने के बाद ही प्रक्रिया शुरू की गई है।

जिला भूखंडों की संख्या
नवादा 17
शेखपुरा 10
गया 9
रोहतास 4
औरंगाबाद 3
बांका 1

सरकार का मानना है कि जब राज्य के अंदर ही पत्थर का उत्पादन होगा, तो परिवहन का खर्च बचेगा और लोगों को स्थानीय स्तर पर पत्थर सस्ते मिलेंगे। इससे सरकारी निर्माण कार्यों की लागत भी कम होगी। साथ ही, अवैध खनन को रोकने और अधिकारियों की सुरक्षा के लिए खान एवं भूतत्व विभाग अपना एक विशेष पुलिस बल भी तैयार करेगा। फिलहाल राज्य में केवल शेखपुरा और नवादा की दो खदानें चल रही हैं, लेकिन अब नए भूखंडों के खुलने से उत्पादन काफी बढ़ जाएगा।