Bihar में 1,000 आंगनबाड़ी केंद्रों का होगा कायाकल्प, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन और सरकार के बीच हुआ समझौता
Bihar: बिहार के बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी पहल शुरू हुई है। Vedanta के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के फाउंडेशन ने बिहार सरकार के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत राज्य में ‘नंद घर’ खोले
Bihar: बिहार के बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी पहल शुरू हुई है। Vedanta के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के फाउंडेशन ने बिहार सरकार के साथ एक समझौता किया है, जिसके तहत राज्य में ‘नंद घर’ खोले जाएंगे। इस कदम से बच्चों के पोषण और महिलाओं के सशक्तिकरण को काफी मजबूती मिलेगी।
17 जुलाई 2026 को समाज कल्याण विभाग और महिला एवं बाल विकास निगम द्वारा आयोजित एक वर्कशॉप के दौरान यह समझौता हुआ। इस पहल के जरिए राज्य के 1,000 आंगनबाड़ी केंद्रों को आधुनिक बनाया जाएगा। इन केंद्रों पर अब बच्चों को डिजिटल तरीके से पढ़ाई कराई जाएगी और बेहतर पोषण की सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जाएगा।
बिहार की समाज कल्याण मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता ने बताया कि यह कदम राज्य की केयर इकोनॉमी को बेहतर बनाने के लिए बहुत जरूरी है। इससे न सिर्फ बुनियादी ढांचे में सुधार होगा, बल्कि शुरुआती बचपन की देखभाल और मातृ कल्याण सेवाओं में भी बड़ा बदलाव आएगा।
वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने इसे अपनी मिट्टी का कर्ज चुकाने और घर वापसी जैसा बताया। उन्होंने कहा कि इस अभियान का लक्ष्य राज्य के करीब 1 लाख बच्चों, महिलाओं और समुदाय के लोगों तक पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
इन नए आधुनिक केंद्रों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग टूल्स, साफ पीने का पानी, बिजली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद होंगी। इसके अलावा, दरभंगा जिले में Zerodha Broking Limited ने भी 50 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड करने के लिए समझौता किया है।