Bihar: बिहार सरकार अब किसानों के लिए एग्रीस्टैक (AgriStack) और डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) के काम में तेजी ला रही है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 6 मई, 2026 को एक समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कामों को
Bihar: बिहार सरकार अब किसानों के लिए एग्रीस्टैक (AgriStack) और डिजिटल फसल सर्वेक्षण (DCS) के काम में तेजी ला रही है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 6 मई, 2026 को एक समीक्षा बैठक की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि इन कामों को समय सीमा के अंदर पूरा करना है। इस पहल का मकसद खेती-किसानी से जुड़ी योजनाओं में पारदर्शिता लाना और आपदा राहत व लोन मिलने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
डिजिटल फसल सर्वे की अब तक की प्रगति क्या है?
राज्य में अब तक 30,416 में से 30,015 गांवों में सर्वे का काम शुरू हो चुका है। डिजिटल तरीके से करीब 1.82 करोड़ भू-खंडों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 24.21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं और मक्का मुख्य फसलें हैं। इसके अलावा मखाना, केला और लीची जैसी नकदी फसलों का भी सटीक डेटाबेस तैयार किया गया है, जिससे भविष्य में कृषि योजनाएं बनाना आसान होगा।
किन कामों में देरी हुई और क्या निर्देश दिए गए?
मुख्य सचिव ने बैठक में बताया कि राजस्व अधिकारियों के पास अभी भी 8.22 लाख आवेदन लंबित हैं, जिन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, 15,400 से ज्यादा गांवों के मानचित्र डेटा (Map Data) का काम अभी बाकी है, जिसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के साथ मिलकर पूरा किया जाएगा। सरकार चाहती है कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाए ताकि किसानों को सरकारी लाभ बिना किसी देरी के मिल सके।
| विवरण |
वर्तमान स्थिति/डेटा |
| कुल पंजीकृत किसान |
47,85,386 (55.41%) |
| सर्वेक्षण पूरा भू-खंड |
1.82 करोड़ से अधिक |
| सर्वेक्षण शुरू गांव |
30,015 (कुल 30,416 में से) |
| पंजीकरण में अग्रणी जिले |
वैशाली (112%) और शिवहर (101%) |
| प्रमुख फसलें (क्षेत्रफल) |
गेहूं (60.75%) और मक्का (14.74%) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
एग्रीस्टैक (AgriStack) से किसानों को क्या फायदा होगा?
एग्रीस्टैक से फसल उत्पादन का सटीक डेटा मिलेगा, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और आपदा राहत व कृषि ऋण (Loan) मिलने में आसानी होगी।
बिहार में डिजिटल फसल सर्वेक्षण की वर्तमान स्थिति क्या है?
अब तक 30,015 गांवों में सर्वे शुरू हो चुका है और 1.82 करोड़ से अधिक भू-खंडों का डिजिटल सर्वे पूरा किया गया है। वैशाली और शिवहर जिले पंजीकरण में सबसे आगे हैं।