Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में बाल मजदूरी और बंधुआ मजदूरी को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ‘स्टेट स्ट्रेटजी एंड एक्शन प्लान फॉर द एलिमिनेशन ऑफ चाइल्ड एंड एडोलसेंट लेबर – 2025’ लॉन्
Bihar: बिहार सरकार ने राज्य में बाल मजदूरी और बंधुआ मजदूरी को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ‘स्टेट स्ट्रेटजी एंड एक्शन प्लान फॉर द एलिमिनेशन ऑफ चाइल्ड एंड एडोलसेंट लेबर – 2025’ लॉन्च किया है। इस योजना का मुख्य मकसद उन बच्चों और मजदूरों को छुड़ाना है जो काम के लिए बिहार से बाहर दूसरे राज्यों में गए और वहां फंस गए।
नया एक्शन प्लान क्या है और कैसे काम करेगा?
यह नया प्लान सितंबर 2025 में शुरू किया गया था और इसे अप्रैल 2026 में मंजूरी मिली। इसमें Indian Penal Code 2023 और बिहार बाल एवं किशोर श्रम नियमों 2024 को जोड़ा गया है। बिहार स्टेट चाइल्ड लेबर कमीशन के चेयरमैन अशोक कुमार ने इसे बाल श्रम मुक्त बिहार की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर बताया है। इस योजना के तहत अब रेलवे, BSF और ट्रांसपोर्ट विभाग जैसे संस्थान मिलकर काम करेंगे ताकि मजदूरों की पहचान और उन्हें छुड़ाने की प्रक्रिया तेज हो सके।
बंधुआ मजदूरी के कारण और बचाव के उपाय
श्रम संसाधन और प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने बताया कि बंधुआ मजदूरी अक्सर कर्ज, एडवांस पेमेंट या डरा-धमकाकर कराई जाती है। गरीब और अनपढ़ लोगों को आसानी से जाल में फंसा लिया जाता है। इसे रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के तहत जिला मजिस्ट्रेट को मुख्य जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा, प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत 3 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद का प्रावधान है।
बाहर से रेस्क्यू और अब तक की कार्रवाई
बिहार के मजदूरों की सबसे ज्यादा समस्या दूसरे राज्यों में है। आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 90% बंधुआ मजदूर दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों के कालीन उद्योग, चूड़ी फैक्ट्रियों और कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पाए जाते हैं। बिहार पुलिस ने ‘ऑपरेशन नया सवेरा’ के जरिए भी बड़ी कार्रवाई की है।
| विवरण |
आंकड़े/जानकारी |
| रेस्क्यू किए गए नाबालिग लड़के |
506 |
| रेस्क्यू की गई नाबालिग लड़कियां |
118 |
| पकड़े गए मानव तस्कर |
144 |
| कुल मानव तस्करी केस |
231 |
| पुनर्वास सहायता राशि |
3 लाख रुपये तक |