Bihar : गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग युवक की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने पहले शक के आधार पर तीन गांववालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन जांच में वे निर्दोष निकले। इस पू
Bihar : गोपालगंज जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र में एक दिव्यांग युवक की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने पहले शक के आधार पर तीन गांववालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन जांच में वे निर्दोष निकले। इस पूरे मामले में असली कातिल मृतक का सगा भाई ही निकला है।
कौन था असली कातिल और कैसे हुआ खुलासा
मृतक संतोष यादव एक मूक-बधिर युवक था, जिसकी हत्या 3 मई 2026 की रात को की गई थी। गोपालगंज पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच की, तो पता चला कि इस हत्या का मास्टरमाइंड संतोष का सगा भाई रामकिशोर यादव था। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल्स और CCTV फुटेज जैसे तकनीकी सबूतों के आधार पर इस सच का पता लगाया।
गलत गिरफ्तारी और SHO पर गिरी गाज
इस केस में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने बिना पुख्ता सबूत के मदन कुमार, हरिनंदन यादव और हरिकेश यादव नाम के तीन गांववालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जब बाद में पता चला कि ये तीनों निर्दोष हैं, तो विभाग में हड़कंप मच गया। इस लापरवाही के चलते मीरगंज थाना के SHO को सस्पेंड कर दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गोपालगंज मर्डर केस में असली आरोपी कौन निकला?
इस मामले में मृतक संतोष यादव का सगा भाई रामकिशोर यादव असली कातिल और मास्टरमाइंड निकला है।
पुलिस ने निर्दोष लोगों को क्यों पकड़ा और अब क्या एक्शन लिया गया?
पुलिस ने शुरुआती जांच में तीन गांववालों को गलत तरीके से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस गलती के कारण मीरगंज थाना के SHO को सस्पेंड कर दिया गया है।