Bihar की नाबालिग लड़कियों को राजस्थान में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार
Rajasthan/Jhalawar : राजस्थान के झालावाड़ जिले में पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। यह गिरोह बिहार की गरीब और अनाथ लड़कियों को शादी का झांसा देकर राजस्थान लाता था और फिर उन्हें मोटी रकम में
Rajasthan/Jhalawar : राजस्थान के झालावाड़ जिले में पुलिस ने मानव तस्करी के एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। यह गिरोह बिहार की गरीब और अनाथ लड़कियों को शादी का झांसा देकर राजस्थान लाता था और फिर उन्हें मोटी रकम में बेच देता था। पुलिस ने इस मामले में 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और एक 14 साल की नाबालिग लड़की को रेस्क्यू किया है।
घटना 28 जुलाई 2026 की है, जब अकलेरा क्षेत्र के मदनपुरिया गांव में पुलिस को सूचना मिली। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से एक वाहन का पीछा किया और उसे रोककर उसमें सवार छह लोगों को हिरासत में लिया। जांच में पता चला कि बिहार की एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर राजस्थान लाया गया था। गिरोह के लोग लड़की के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी शादी कराने की फिराक में थे। पुलिस ने नाबालिग लड़की को सुरक्षित बचाकर वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है।
पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि यह गिरोह बिहार के बहुत गरीब और असहाय परिवारों को निशाना बनाता था। आरोपियों ने अच्छे घर में शादी कराने का लालच दिया और फिर राजस्थान लाकर मोटी रकम के बदले उनका सौदा किया। इस मामले में बिहार के महाराज शाह और धर्मेंद्र कुमार, जयपुर के अजय जांगिड़ और दलाल चौथमल को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों को पॉक्सो (POCSO) कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
बिहार और राजस्थान के बीच मानव तस्करी का यह नेटवर्क काफी पुराना और सक्रिय नजर आ रहा है। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं। मई 2026 में रोहतास से एक 16 साल की लड़की को राजस्थान बेचने की कोशिश हुई थी और जून 2026 में पूर्वी चंपारण में भी ऐसी ही साजिश पकड़ी गई थी। अक्सर इन लड़कियों को 20 से 30 हजार रुपये में खरीदकर 2 लाख से 2.5 लाख रुपये तक में बेचा जाता था। फिलहाल पुलिस पैसों के लेनदेन और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। इस पूरे मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी संज्ञान लिया है और अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है।