Bihar के गया में स्कूल की बदहाली पर बच्चों ने किया 4 किमी मार्च, कर्मचारियों की सैलरी रोकी गई
Bihar/Gaya: गया जिले के सिमुआरा मिडिल स्कूल के करीब 50 छात्रों ने स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कक्षा 6 से 8 के इन बच्चों ने मंगलवार को करीब 4 किलोमीटर पैदल मार्च किया और टिकारी एसडीएम क
Bihar/Gaya: गया जिले के सिमुआरा मिडिल स्कूल के करीब 50 छात्रों ने स्कूल में बुनियादी सुविधाओं की कमी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कक्षा 6 से 8 के इन बच्चों ने मंगलवार को करीब 4 किलोमीटर पैदल मार्च किया और टिकारी एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। बच्चों ने मिड-डे मील की खराब क्वालिटी, पीने के पानी, शौचालय, बिजली और पंखों जैसी बुनियादी जरूरतों की मांग की।
छात्रों की शिकायत सुनने के बाद टिकारी एसडीएम प्रवीण कुंदन ने तुरंत संज्ञान लिया और बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने मामले की गहराई से जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है, जिसमें सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी चंदन कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी रणजीत सिंह और प्रखंड विकास पदाधिकारी योगेंद्र पासवान शामिल हैं। एसडीएम ने भरोसा दिया कि पानी और बिजली जैसी समस्याओं को एक हफ्ते के भीतर ठीक कर दिया जाएगा।
इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। स्कूल के कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोक दिया गया है, जो संतोषजनक जवाब मिलने के बाद ही मिलेगा। प्रधानाध्यापक को चार से सात दिनों के भीतर सभी समस्याओं को सुलझाने का निर्देश दिया गया है। वहीं, बुधवार को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी नित्यम कुमार गौरव और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार रमन ने स्कूल का औचक निरीक्षण भी किया।
शिक्षा विभाग में अनुशासन को लेकर अन्य अपडेट्स भी सामने आए हैं। बांका के जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित ने 30 जुलाई को नया ड्रेस कोड जारी किया है। अब शिक्षकों और कर्मचारियों को केवल फॉर्मल कपड़ों में स्कूल आना होगा, जींस और टी-शर्ट की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, स्कूल परिसर में सोशल मीडिया के लिए डांस या डीजे जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों में हाफ-डे की घोषणा की है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत अब शनिवार को बच्चे टिफिन ब्रेक के बाद घर चले जाएंगे।