Bihar: गंगा नदी ने गाद जमा होने की वजह से वैशाली, बक्सर और सारण जिलों में अपनी धारा 3 किलोमीटर तक बदल ली है। इस बदलाव से वैशाली में NH-122B और कई गांवों के डूबने का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने सुर
Bihar: गंगा नदी ने गाद जमा होने की वजह से वैशाली, बक्सर और सारण जिलों में अपनी धारा 3 किलोमीटर तक बदल ली है। इस बदलाव से वैशाली में NH-122B और कई गांवों के डूबने का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार ने सुरक्षा के लिए 176 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी है।
गंगा के कटाव से किन इलाकों पर है असर
नदी की धारा बदलने से सबसे ज्यादा खतरा वैशाली जिले के गांवों और NH-122B नेशनल हाईवे को है। ग्रामीणों के मुताबिक अब तक करीब 1000 से 1500 बीघा उपजाऊ जमीन गंगा में समा चुकी है। वैशाली के गनियारी गांव में कटाव की वजह से पांच पक्के मकान गिर चुके हैं, जिससे कई परिवार बेघर हो गए हैं। बक्सर के नैनीजोर दियारा इलाके में भी खेत और घर नदी में विलीन हो रहे हैं।
सरकार ने बचाव के लिए क्या कदम उठाए हैं
बिहार सरकार और जल संसाधन विभाग ने मानसून से पहले कटाव रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। 12 अप्रैल 2026 को विधायक रिंकी कोल ने गोगाँव गांव में 7 करोड़ रुपये की कटावरोधी परियोजना का शिलान्यास किया। इसके अलावा, बिहार राज्य बाढ़ नियंत्रण पर्षद की बैठक में कुल 1117.27 करोड़ रुपये की 384 योजनाओं को मंजूरी दी गई है, ताकि तटबंधों की मरम्मत समय पर हो सके।
प्रभावित जिलों और योजनाओं का विवरण
| विवरण |
जानकारी |
| प्रभावित जिले |
वैशाली, बक्सर और सारण |
| धारा में बदलाव |
3 किलोमीटर तक |
| सुरक्षा बजट (तत्काल) |
176 करोड़ रुपये |
| कुल बाढ़ सुरक्षा योजनाएं |
384 योजनाएं (1117.27 करोड़ रुपये) |
| खतरे में बुनियादी ढांचा |
NH-122B और कई गांव |