Bihar के पूर्व DGP अभ्यानंद का खुलासा, CBI में तैनाती के दौरान मिला था 1 करोड़ का रिश्वत ऑफर

Bihar: बिहार के पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने अपने करियर का एक पुराना और चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि करीब 40 साल पहले उन्हें एक हाई-प्रोफाइल केस को दबाने के लिए भारी रकम की पेशकश की गई थी। यह खुलासा उन

Bihar: बिहार के पूर्व डीजीपी अभ्यानंद ने अपने करियर का एक पुराना और चौंकाने वाला किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि करीब 40 साल पहले उन्हें एक हाई-प्रोफाइल केस को दबाने के लिए भारी रकम की पेशकश की गई थी। यह खुलासा उन्होंने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान किया, जिससे प्रशासनिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।

क्या था 1 करोड़ रुपये की रिश्वत का पूरा मामला

अभ्यानंद ने बताया कि साल 1986 में जब वे CBI में तैनात थे, तब एक हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में चल रही थी। उस दौरान एक बंद कमरे में दो लोग उनसे मिले और उन्हें प्रस्ताव दिया कि अगर वे उस सुनवाई में शामिल नहीं होते हैं, तो उन्हें 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने इस लालच को ठुकरा दिया और अपनी ड्यूटी जारी रखी।

सोशल मीडिया पर क्यों छिड़ी है बहस

पूर्व डीजीपी के इस खुलासे के बाद अब लोग सोशल मीडिया पर सवाल उठा रहे हैं। चर्चा इस बात पर है कि अगर उन्हें इतनी बड़ी रिश्वत का ऑफर मिला था, तो उन्होंने उस समय इसकी शिकायत विभाग से क्यों नहीं की। अभ्यानंद अपनी ईमानदार छवि, नीतीश सरकार के समय ‘स्पीडी ट्रायल’ और आनंद कुमार के साथ ‘सुपर 30’ की नींव रखने के लिए जाने जाते हैं।

अभ्यानंद का पुलिसिंग करियर और योगदान

अभ्यानंद ने अपने पॉडकास्ट में पुलिसिंग करियर, शिक्षा और नैतिकता से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि कैसे शुरुआती दिनों में अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए उन्होंने तेजी से ट्रायल कराने के फॉर्मूले पर काम किया था। उनके इस अनुभव से नए अधिकारियों और युवाओं को ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा मिलती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पूर्व DGP अभ्यानंद को रिश्वत का ऑफर कब और क्यों मिला था?

यह घटना 1986 की है जब अभ्यानंद CBI में तैनात थे। उन्हें एक हाई-प्रोफाइल मामले की हाई कोर्ट सुनवाई में शामिल न होने के बदले 1 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया था।

अभ्यानंद किन अन्य महत्वपूर्ण कार्यों के लिए जाने जाते हैं?

वे नीतीश सरकार के शुरुआती दिनों में ‘स्पीडी ट्रायल’ के फॉर्मूले को लागू करने और आनंद कुमार के साथ मिलकर ‘सुपर 30’ की नींव रखने के लिए प्रसिद्ध हैं।