Bihar में बाढ़ से हाहाकार, 20 लाख लोग नमक-सत्तू खाने को मजबूर, 35 गांव जलमग्न

Bihar: बिहार के कई जिलों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल से छोड़े गए पानी और लगातार हो रही बारिश की वजह से हालात बहुत खराब हो गए हैं। करीब 20 लाख लोग ऐसे हैं जो अब सिर्फ नमक और सत्तू खाकर अपना गुजारा कर रहे हैं। कई

Bihar: बिहार के कई जिलों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। नेपाल से छोड़े गए पानी और लगातार हो रही बारिश की वजह से हालात बहुत खराब हो गए हैं। करीब 20 लाख लोग ऐसे हैं जो अब सिर्फ नमक और सत्तू खाकर अपना गुजारा कर रहे हैं। कई घरों के आंगन में डेढ़ फीट तक पानी भरा हुआ है जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के बेतिया में स्थिति काफी गंभीर है। यहां करीब 35 गांव पूरी तरह डूब चुके हैं और हजारों लोग अपना घर छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं। इसके अलावा दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी और घनश्यामपुर प्रखंडों में कोसी और कमला बलान नदियों के उफान से 20 से ज्यादा गांव पानी में डूब गए हैं।

नदियों की बात करें तो गंगा, गंडक, कोसी और महानंदा समेत बूढ़ी गंडक और कमला बलान नदियां उफान पर हैं। 20 जुलाई 2026 को कोसी बैराज से 152,000 क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया जो इस साल का सबसे अधिक स्तर है। वहीं 15 जुलाई को नेपाल द्वारा 203,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पूर्वी चंपारण में अलर्ट जारी किया गया था।

प्रशासनिक स्तर पर जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रभावित इलाकों में NDRF और SDRF की टीमें बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। अधिकारियों ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। मुंगेर, भागलपुर और कहलगांव में गंगा का जलस्तर बढ़ा है लेकिन फिलहाल यह खतरे के निशान से नीचे है।