Bihar में बाढ़ और सूखे से निपटने की तैयारी, मुख्य सचिव ने दिए खराब चापाकलों को ठीक करने के निर्देश

Bihar: राज्य में मानसून की दस्तक के साथ ही सरकार बाढ़ और सूखे की दोहरी चुनौतियों से निपटने के लिए एक्शन मोड में आ गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस संबंध में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) और अन्य विभागों के साथ कई मह

Bihar: राज्य में मानसून की दस्तक के साथ ही सरकार बाढ़ और सूखे की दोहरी चुनौतियों से निपटने के लिए एक्शन मोड में आ गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस संबंध में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (CMG) और अन्य विभागों के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें की हैं। सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि मानसून के दौरान लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो और बुनियादी सुविधाएं बनी रहें।

मुख्य सचिव ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की और निर्देश दिया कि 15 जून तक राज्य के सभी खराब चापाकलों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाए। गर्मी और गिरते भूजल स्तर को देखते हुए दक्षिण बिहार के जिलों को प्राथमिकता देने को कहा गया है, क्योंकि वहां जल संकट की संभावना ज्यादा रहती है। इस अभियान के तहत करीब 86,679 खराब हैंडपंपों को ठीक करने और मोबाइल मरम्मत टीमों को सक्रिय करने का आदेश दिया गया है ताकि आम लोगों को शुद्ध पेयजल मिलता रहे।

तैयारियों के बीच मानसून के शुरुआती महीनों यानी जून और जुलाई में सामान्य से कम बारिश की आशंका जताई गई है। इसे देखते हुए हीटवेव और पेयजल आपूर्ति पर भी नजर रखी जा रही है। अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे हीटस्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष वार्ड और जरूरी दवाइयां तैयार रखें। वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को 31 मई तक तटबंधों और सड़कों की मरम्मत का काम पूरा करने का निर्देश दिया था।

इसके अलावा, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई CMG की बैठक में घरेलू रसोई गैस (LPG), पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। बैठक में यह बात सामने आई कि फिलहाल राज्य में तेल और गैस की आपूर्ति को लेकर कोई आपातकालीन स्थिति नहीं है। प्रभारी मंत्रियों को भी 15 जून से पहले अपने जिलों में बाढ़ और सूखे से निपटने की तैयारियों की जांच करने को कहा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत कार्य शुरू किया जा सके।