Bihar के राजगीर में बनेगा पहला स्पोर्ट्स साइंस सेंटर, डेटा और AI से तैयार होगा खिलाड़ियों का मास्टर प्लान

Bihar: राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग देने के लिए राजगीर में बिहार का पहला स्पोर्ट्स साइंस सेंटर बनाया जाएगा। बिहार कैबिनेट ने 5 अगस्त 2026 को इस हाई परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग और इंजुरी सेंटर क

Bihar: राज्य के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग देने के लिए राजगीर में बिहार का पहला स्पोर्ट्स साइंस सेंटर बनाया जाएगा। बिहार कैबिनेट ने 5 अगस्त 2026 को इस हाई परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स ट्रेनिंग और इंजुरी सेंटर की स्थापना, संचालन और रखरखाव को मंजूरी दे दी है। इस कदम से राज्य के एथलीटों को अब आधुनिक वैज्ञानिक सुविधाओं के जरिए अपनी परफॉर्मेंस सुधारने का मौका मिलेगा।

इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों की ताकत, धीरज और रफ्तार का वैज्ञानिक तरीके से विश्लेषण करना है। यहाँ फिजियोलॉजी, बायोमैकेनिक्स, पोषण और स्पोर्ट्स साइकोलॉजी के विशेषज्ञ तैनात रहेंगे। इसके जरिए खिलाड़ियों की इंजरी को रोकने और उनके रिकवरी प्रोसेस को बेहतर बनाने पर काम किया जाएगा। पटना के पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में इसकी एक सैटेलाइट यूनिट भी बनाई जाएगी, ताकि राजधानी के खिलाड़ियों को भी इसका लाभ मिल सके।

राजगीर इंटरनेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स करीब 97.9 एकड़ में फैला है, जिसे लगभग 770 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इस परिसर में 28 तरह के इनडोर और आउटडोर गेम्स की सुविधा है। यहाँ बिहार स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी भी है, जिसे UGC से मान्यता मिली है। इस यूनिवर्सिटी में स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन जैसे कोर्स चलाए जाएंगे और कोचों के लिए डेवलपमेंट प्रोग्राम भी शुरू किए जाएंगे।

बिहार स्टेट स्पोर्ट्स अथॉरिटी (BSSA) के महानिदेशक और CEO रवीन্দ্রन சங்கरण के अनुसार, राज्य में छिपी प्रतिभाओं को खोजने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इन आधुनिक सुविधाओं की मदद से बिहार के खिलाड़ी 2036 के ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करें। इस पूरे प्रोजेक्ट को 2027 तक पूरा कर खिलाड़ियों को सौंपने की योजना है।