Bihar: दिल्ली और मुजफ्फरपुर में आग लगने से हुई मौतों के बाद बिहार अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड पर है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज और कहलगांव समेत कई इलाकों में होटलों, रेस्टोरेंट और अस्पतालों की सघन जांच की जा रही है। विभाग क
Bihar: दिल्ली और मुजफ्फरपुर में आग लगने से हुई मौतों के बाद बिहार अग्निशमन विभाग अलर्ट मोड पर है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज और कहलगांव समेत कई इलाकों में होटलों, रेस्टोरेंट और अस्पतालों की सघन जांच की जा रही है। विभाग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी व्यावसायिक संस्थान में आग लगने पर लोगों की जान न जाए।
जांच अभियान में क्या कमियां मिलीं
निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर गंभीर लापरवाही सामने आई है। भागलपुर के लगभग 500 रेस्टोरेंट में से सिर्फ 60-70 के पास ही फायर एनओसी (NOC) मिला है। कई संस्थानों में अग्निशमन यंत्र या तो पुराने हो चुके हैं या उनकी वैधता खत्म हो गई है। कुछ होटल इतने संकरे गलियारों में बने हैं कि आपात स्थिति में वहां से बाहर निकलना मुश्किल होगा। कई कर्मचारियों को तो यह तक नहीं पता था कि आग बुझाने वाले यंत्रों का इस्तेमाल कैसे करना है।
अधिकारियों ने क्या चेतावनी दी है
बिहार अग्निशमन सेवा की डीजी शोभा अहोतकर और डीआईजी मनोज नट ने साफ कहा है कि सुरक्षा मानकों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अस्पतालों को एक हफ्ते के भीतर इलेक्ट्रिकल लोड विश्लेषण सर्टिफिकेट और होटलों को एलपीजी सिलेंडरों की संख्या का प्रमाण पत्र जमा करना होगा। जिन संस्थानों में कमियां मिली हैं, उन्हें सुधार के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। समय सीमा के बाद भी सुधार न होने पर सरकारी और निजी अस्पतालों व होटलों को सील कर दिया जाएगा।
पटना और अन्य जिलों में क्या कार्रवाई हुई
यह अभियान सिर्फ भागलपुर तक सीमित नहीं है। पटना में भी पिछले दो दिनों में करीब 70 अस्पतालों और होटलों की जांच हुई, जिसमें पांच अस्पताल और छह होटल सील करने के आदेश दिए गए हैं। खान ग्लोबल स्टडीज जैसे कोचिंग संस्थानों को भी नोटिस जारी किया गया है। जहानाबाद जैसे जिलों में तो स्थिति और खराब है, जहां करीब 90% होटल बिना एनओसी के चल रहे हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अग्निशमन विभाग ने संस्थानों को सुधार के लिए कितना समय दिया है
निरीक्षण में कमी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों को अग्नि सुरक्षा व्यवस्था ठीक करने के लिए 15 दिनों का समय दिया गया है। इसके बाद भी नियमों का पालन न करने पर संस्थान सील किए जाएंगे।
अस्पतालों और होटलों को कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे
अस्पतालों को एक सप्ताह के भीतर ‘इलेक्ट्रिकल लोड विश्लेषण’ प्रमाण पत्र जमा करना होगा, जबकि होटलों को अपने यहां रखे एलपीजी सिलेंडरों की संख्या का प्रमाण पत्र देना होगा।