Bihar: बिहार के कैमूर जिले में एक परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों पर आरोप है कि उन्हों
Bihar: बिहार के कैमूर जिले में एक परिवार के चार सदस्यों की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन लोगों पर आरोप है कि उन्होंने एक दंपति और उनके दो बच्चों की हत्या कर उनके शव के टुकड़े कर दिए थे।
कैसे खुला इस खौफनाक हत्याकांड का राज?
यह मामला तब सामने आया जब 10 मई 2026 को कैमूर जिले की दुर्गावती नदी के किनारे दो सूटकेस और कुछ बोरियां मिलीं। जब पुलिस ने इन्हें खोला तो अंदर कृष्ण मुरारी गुप्ता, उनकी पत्नी दुर्गेश कुमारी और उनके दो बच्चों के क्षत-विक्षत शव थे। शरीर के करीब 18 टुकड़े मिले थे। बिहार पुलिस ने संदिग्धों की तलाश शुरू की और महाराष्ट्र पुलिस की मदद से आरोपियों का पता लगाया।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या है हत्या की वजह?
पुलिस ने जाधवाड़ी इलाके से दीपक देवीसिंह राजपूत (27) और गौतम करमपाल गुप्ता (22) को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि हत्या का कारण पारिवारिक विवाद था। आरोपियों ने बताया कि मृतक कृष्ण मुरारी और उनकी पत्नी अपनी 70 साल की बुजुर्ग मां के साथ बुरा व्यवहार करते थे, इसी वजह से यह कदम उठाया गया। आरोपियों ने पहले गला घोंटकर हत्या की और फिर सबूत मिटाने के लिए शवों को टुकड़ों में काटकर अलग-अलग जगह फेंक दिया।
अब आगे क्या होगी कानूनी कार्रवाई?
छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया। कोर्ट ने उनकी ट्रांजिट रिमांड की अर्जी मंजूर कर ली है। अब इन आरोपियों को बिहार पुलिस की टीम अपने साथ ले जाएगी ताकि कैमूर जिले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई पूरी की जा सके। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले और निरीक्षक गजानन कल्याणकर की मुख्य भूमिका रही।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बिहार के किस जिले में यह घटना हुई थी?
यह घटना बिहार के कैमूर जिले की है, जहाँ दुर्गावती नदी के किनारे सूटकेस में परिवार के चार सदस्यों के शव मिले थे।
हत्यारों ने शवों के साथ क्या किया था?
आरोपियों ने दंपति और उनके दो बच्चों की गला घोंटकर हत्या की और फिर शवों के 18 टुकड़े करके उन्हें सूटकेस और बोरियों में भरकर फेंक दिया था।